INDIA की बैठक में क्या बोले राहुल कि बिफरा लेफ्ट, CPM ने कहा- ED और मोदी की मदद करना बंद करें
सीपीएम और कांग्रेस के बीच यह तल्खी केरल विधानसभा चुनावों के समय से ही चरम पर है। इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले भी एमए बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को एक कड़ा पत्र लिखा था।

Rahul Gandhi: पश्चिम बंगाल में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस ही नहीं, पूरे INDIA गठबंधन में हंगामा मचा हुआ है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) यानी सीपीआईएम के पोलित ब्यूरो सदस्य और महासचिव एमए बेबी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक हालिया बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है। बेबी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष के नेता का काम विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी की मांग करके मोदी सरकार और ईडी का मददगार बनना नहीं है।
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
यह पूरा विवाद 8 जून को हुई विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की बैठक से शुरू हुआ, जिसका विवरण हाल ही में सामने आया है। बैठक में राहुल गांधी ने गठबंधन के भीतर तालमेल की कमी की खबरों को खारिज करते हुए कहा था कि यह सब बीजेपी का फैलाया हुआ भ्रम है। उन्होंने विपक्ष की एकजुटता पर जोर देते हुए डीएमके (DMK) का उदाहरण दिया, लेकिन साथ ही केरल का जिक्र करते हुए अपने कड़े तेवर दिखाए।
राहुल गांधी ने कहा था, "हमारे बीच आपसी मतभेद और लड़ाइयां हैं। अब अगर आप मुझसे यह उम्मीद करते हैं कि मैं जाऊं और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को गले लगा लूं, तो मैं ऐसा नहीं कर सकता और न ही करूंगा। उनके साथ मेरी राजनीतिक लड़ाई चल रही है। हमें व्यावहारिक होना होगा, लेकिन यह भी समझना होगा कि हम पर यह साबित करने के लिए चौतरफा हमला किया जा रहा है कि विपक्ष कमजोर और बिखरा हुआ है।"
लेफ्ट का तीखा हमला
राहुल गांधी के इस बयान के सामने आने के अगले ही दिन सीपीएम नेता एमए बेबी ने एक्स पर मोर्चा खोल दिया। बेबी ने लिखा, "कोई भी राहुल गांधी से पिनाराई विजयन को गले लगाने के लिए नहीं कह रहा है। इसके विपरीत हम तो सिर्फ इतना कह रहे हैं कि वह पिनाराई विजयन और अन्य विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी की मांग करके ईडी और मोदी सरकार के लिए रास्ता आसान करने वाले की भूमिका निभाना बंद करें। विपक्ष के नेता का काम यह बिल्कुल नहीं है।"
सांठगांठ के आरोपों से नाराज है वामदल
दरअसल, सीपीएम और कांग्रेस के बीच यह तल्खी केरल विधानसभा चुनावों के समय से ही चरम पर है। इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले भी एमए बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को एक कड़ा पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने चुनाव के दौरान राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए उन आरोपों पर आपत्ति जताई थी, जिसमें कहा गया था कि केरल में सीपीएम और बीजेपी के बीच अंदरूनी साठगांठ है। तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों (ED) की कार्रवाई की मांग करने को लेकर भी वामदल कांग्रेस से नाराज चल रहा है।
सीपीएम ने कांग्रेस नेतृत्व से इस तरह के विघटनकारी कदमों पर अपना रुख साफ करने को कहा है। गठबंधन की बैठक के दौरान भी सीपीएम के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने इस मुद्दे को बेहद आक्रामक तरीके से उठाया था, जिससे साफ है कि केंद्र में भले ही दोनों दल एक साथ दिख रहे हों लेकिन केरल की राजनीति को लेकर दोनों के बीच की खाई अभी भरी नहीं है।
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लेखक के बारे में
Himanshu Jhaबिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।
एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।
हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।
काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।
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