राहुल गांधी ने क्या कहा कि मान गए वेणुगोपाल, CM जैसा पद जाने दिया; इनसाइड स्टोरी

Nisarg Dixit हिन्दुस्तान टीम, सुहेल हामिद
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रणनीतिकार मानते हैं कि मुख्यमंत्री पद पर पिछड़ने के बाद केसी वेणुगोपाल अपने समर्थक विधायकों को नए मंत्रिमंडल में शामिल करा सकते हैं, ताकि केरल की राजनीति में उनका दबदबा बरकरार रहे। वेणुगोपाल केरल के अलाप्पुझा से सांसद हैं।

राहुल गांधी ने क्या कहा कि मान गए वेणुगोपाल, CM जैसा पद जाने दिया; इनसाइड स्टोरी

तमाम कोशिशों के बावजूद कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल केरल के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में पिछड़ गए। रणनीतिकार मानते हैं कि इस झटके के बावजूद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में वेणुगोपाल के कद पर कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। क्योंकि, वह अभी भी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के भरोसेमंद हैं। कांग्रेस रणनीतिकार मानते हैं कि पूरी कोशिशों के बावजूद केसी वेणुगोपाल का मुख्यमंत्री नहीं बनना एक झटका है।

पहले राहुल गांधी ने की बात

पार्टी में उनके कद का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री के नाम के ऐलान से पहले राहुल गांधी ने उन्हें भरोसे में लिया। दोनों नेताओं के बीच करीब ढाई घंटे तक बातचीत हुई। पार्टी सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी ने केसी वेणुगोपाल को समझाया कि संगठन महासचिव के तौर पर कांग्रेस को उनकी ज्यादा जरूरत है। इसके साथ आगे चलकर पार्टी अध्यक्ष के पद जैसी बड़ी जिम्मेदारी भी उनके सामने होगी। पर इसके लिए उन्हें फिलहाल केरल में मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को छोड़ना होगा।

नेतृत्व के करीबी की हार के चर्चे

हालांकि, कांग्रेस के अंदर एक बड़ा तबका केसी वेणुगोपाल के केरल के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में पिछड़ने को हार के रुप में देखता है। उनकी दलील है कि संगठन में सबसे ताकतवर होने के बावजूद वह पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को नहीं मना पाए। इससे साफ है कि वेणुगोपाल पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के इतने भरोसेमंद नहीं हैं, जितना वह संदेश देते हैं। ऐसे में पार्टी के अंदर संगठन महासचिव के तौर पर उनका दबदबा कम होगा।

अब क्या करेंगे केसी वेणुगोपाल

रणनीतिकार मानते हैं कि मुख्यमंत्री पद पर पिछड़ने के बाद केसी वेणुगोपाल अपने समर्थक विधायकों को नए मंत्रिमंडल में शामिल करा सकते हैं, ताकि केरल की राजनीति में उनका दबदबा बरकरार रहे। वेणुगोपाल केरल के अलाप्पुझा से सांसद हैं।

राज्यपाल से मिले वीडी सतीशन

केरल के भावी मुख्यमंत्री वीडी सतीशन, केरल प्रदेश कांग्रेस प्रमुख सन्नी जोसेफ और राज्य के लिए एआईसीसी प्रभारी दीपा दासमुंशी ने गुरुवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की और उन्हें समर्थन पत्र सौंपा। साथ ही सरकार बनाने का दावा पेश किया। सतीशन और कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल से लोक भवन में मुलाकात की। शपथ ग्रहण समारोह 18 मई को होने की संभावना है।

वादों को पूरा करने के लिए काम करेंगे

केरल में मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा के बाद सतीशन ने पार्टी आलाकमान का धन्यवाद दिया। साथ ही लोगों से किए गए वादों को पूरा करने के लिए काम करने की बात कही। जनता ने 10 साल लंबे वामपंथी शासन को खत्म किया और 140 विधानसभा सीटों में से 102 सीटें जीतने में हमारी मदद करके हमें सत्ता सौंपी। हमने जनता से जो भी वादे किए हैं, हम उन्हें एक-एक करके पूरा करेंगे।

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निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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