मैं नहीं डरता और न ही मैं झुकूंगा, बांग्लादेश की पार्टी जमात का नाम ले बोले CM शुभेंदु अधिकारी
मुख्यमंत्री ने TMC सुप्रीमो पर निशाना साधते हुए कहा कि वह उस बूथ पर भी बढ़त हासिल करने में नाकाम रहीं, जहां उन्होंने अपना वोट डाला था। शुभेंदु अधिकारी ने कहा, 'वह अपने बूथ पर भी नहीं जीत सकीं। बंगाल की जनता ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है। आपका सियासी करियर खत्म हो गया है। टाटा, बाय-बाय।'

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि ममता बनर्जी का सियासी करियर खत्म हो गया है। साथ ही भवानीपुर सीट से हुई उनकी जीत का भी जिक्र कर दिया। उन्होंने कट मनी प्रथा बंद करने का वादा किया है। इस दौरान उन्होंने पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश के राजनीतिक दल जमात-ए-इस्लामी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि उनके सीएम बनने के बाद जमात की नींद उड़ गई है।
भवानीपुर के कैमक स्ट्रीट पर आयोजित भारतीय जनता पार्टी की तरफ से आयोजित एक धन्यवाद कार्यक्रम में अधिकारी ने शिरकत की। पीटीआई भाषा के अनुसार, सभा को संबोधित करते हुए शुभेंदु ने दावा किया कि उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद से बांग्लादेश की जमात (राजनीतिक दल बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी) की रातों की नींद उड़ गई है।' उन्होंने कहा, 'लेकिन मैं न तो डरता हूं और न ही उनके सामने झुकूंगा।'
ममता बनर्जी पर कसा तंज
उन्होंने भवानीपुर में जबरन वसूली और कट मनी प्रथा को खत्म करने का वादा किया। भवानीपुर में शुभेंदु ने ममता को 15 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराया है। मुख्यमंत्री ने तृणमूल सुप्रीमो पर निशाना साधते हुए कहा कि वह उस बूथ पर भी बढ़त हासिल करने में नाकाम रहीं, जहां उन्होंने अपना वोट डाला था। शुभेंदु ने कहा, 'वह अपने बूथ पर भी नहीं जीत सकीं। बंगाल की जनता ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है। आपका सियासी करियर खत्म हो गया है। टाटा, बाय-बाय।'
फिरहाद हाकिम को भी घेरा
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा ने मित्रा इंस्टीट्यूशन मतदान केंद्र के सभी चार बूथ पर बढ़त हासिल की थी, जहां ममता ने अपना वोट डाला था। उन्होंने पूर्व मंत्री फिरहाद हाकिम पर हमला बोलते हुए दावा किया कि चेतला गर्ल्स हाई स्कूल के पांच बूथ पर भाजपा को बढ़त हासिल हुई, जहां हाकिम ने मतदान किया था।
नंदीग्राम सीट छोड़ने का किया फैसला
अधिकारी ने नंदीग्राम से भी चुनाव जीता था, लेकिन बाद में उन्होंने वह सीट छोड़ दी और भवानीपुर के विधायक के रूप में शपथ ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद इस इलाके में यह उनकी पहली जनसभा थी। इससे पहले उन्होंने यहां एक रोड शो भी किया था। भवानीपुर से अपने भावनात्मक लगाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह इलाका उन्हें उनकी पुरानी सीट नंदीग्राम की याद दिलाता है।
इलाके के विकास के बारे में बात करते हुए अधिकारी ने कहा कि यहां का विकास करना और जनता का भरोसा वापस जीतना उनकी सबसे पहली प्राथमिकता होगी। बनर्जी ने 2011 से 2021 तक लगातार भवानीपुर का प्रतिनिधित्व किया था और अपना एक बहुत मजबूत गढ़ बना लिया था। इसके बावजूद अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री को उन्हीं के गढ़ में हरा दिया, जिससे यह इलाका पूरे राज्य में सबसे हॉट और चर्चित चुनावी मैदान बन गया।
पुलिसकर्मियों पर हमलों को कतई सहन नहीं किया जाएगा
कोलकाता के तिलजला में हाल में हुई बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन रविवार को हिंसक हो गया था। मुस्लिम बहुल पार्क सर्कस क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर कथित तौर पर पथराव किया था, जिसमें कुछ अधिकारी घायल हो गए थे और कई वाहनों को नुकसान पहुंचा था। अधिकारी ने सोमवार को कहा कि पुलिसकर्मियों पर हमले और तोड़फोड़ की घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यदि ऐसी घटनाएं दोबारा हुईं, तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा।
लेखक के बारे में
Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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