27 घंटों में PM मोदी संग मीटिंग में भारत से कौन-कौन समझौते करेंगे? सवाल पर क्या बोले राष्ट्रपति पुतिन
Putin India Visit Updates: राष्ट्रपति पुतिन ने बताया कि रूस और भारत मौजूदा दौरे के दौरान हाई टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी, न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी से लेकर शिप बिल्डिंग, एयरक्राफ्ट बिल्डिंग और भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई समझौते करेंगे।
Putin India Visit Updates: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार की शाम को दो दिन के दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे। राष्ट्रपति पुतिन करीब 27 घंटे भारत में बिताएंगे। इस दौरे का मकसद करीब आठ दशक पुरानी भारत-रूस साझेदारी को और मजबूत करना है, एक ऐसी साझेदारी जो जटिल भू-राजनीतिक माहौल के बावजूद स्थिर बनी हुई है। भारत इस दौरे को कितनी अहमियत दे रहा है, यह इस बात से पता चलता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पालम हवाई अड्डे पर गले लगाकर पुतिन का स्वागत किया और चार साल के अंतराल के बाद भारत आगमन पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
बाद में दोनों नेता एक ही कार में हवाई अड्डे से निकले। करीब तीन महीने पहले शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के बाद चीन के शहर तियानजिन में उन्होंने एक ही वाहन में साथ यात्रा की थी। इस दौरे पर आने से पहले पुतिन ने मॉस्को में अपने कार्यालय 'क्रेमलिन' में आज तक को दिए इंटरव्यू में इस बात के संकेत दिए कि उनकी भारत यात्रा के दौरान भारत संग कौन-कौन से समझौते हो सकते हैं। राष्ट्रपति पुतिन ने बताया कि रूस और भारत मौजूदा दौरे के दौरान हाई टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी, न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी से लेकर शिप बिल्डिंग, एयरक्राफ्ट बिल्डिंग और भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई अहम क्षेत्रों में सहयोग पर समझौते करेंगे।
भारत की प्रगति की तारीफ
इस दौरान पुतिन ने भारत की प्रगति खासकर आर्थिक तरक्की की तारीफ करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की ओर पूरी दुनिया देख रही है! उन्होंने कहा कि भारत एक बहुत बड़ा देश है, जिसकी आबादी करीब 150 करोड़ है और ये एक विकासशील देश है, जहां विकास दर 7.7 फीसदी है। राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी की एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि ये भारत के नागरिकों के लिए भी गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि भारत और रूस स्पेस टेक्नोलॉजी, न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी से लेकर शिप बिल्डिंग, एयरक्राफ्ट बिल्डिंग और भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई अहम क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं।
रूस अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत के साथ संबंध मजबूत करेगा
इस बीच, खबर आई है कि रूस अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत के साथ अपने संबंध मजबूत करते हुए अपने सेमी-क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन आरडी-191 की आपूर्ति करने और इसके निर्माण की तकनीक भारत को देने के लिए तैयार है। यह कदम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। रूसी राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान इस बेहद खास सौदे की घोषणा हो सकती है। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के महानिदेशक दिमित्री बकनोव ने एक टेलीविजन चैनल को बताया कि भारत के साथ रॉकेट इंजन का सौदा होने वाला है। उन्होंने मानव अंतरिक्ष उड़ान और अंतरिक्ष स्टेशन के विकास में भी सहयोग की संभावना जताई।
एक सेमी-क्रायोजेनिक इंजन पर होगा समझौता
हालांकि बकानोव ने इंजन के प्रकार का उल्लेख नहीं किया, लेकिन विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि यह एक सेमी-क्रायोजेनिक इंजन होगा। दोनों देशों के बीच रॉकेट इंजन सौदे पर पिछले कुछ वर्षों से बातचीत चल रही थी। यह रूस और भारत के बीच दूसरा प्रमुख सौदा होगा, इससे पहले ब्रह्मोस मिसाइल का संयुक्त उद्यम सफलतापूर्वक चल रहा है। यह दूसरी बार होगा जब भारत रूस से रॉकेट इंजन खरीदेगा। पहले भारत ने इसरो के जीएसएलवी रॉकेट के शुरुआती चरण के लिए सात क्रायोजेनिक इंजन खरीदे थे, लेकिन अमेरिकी भू-राजनीतिक दबाव के कारण रूस ने बाद में आपूर्ति रोक दी थी और कोई तकनीक हस्तांतरण नहीं किया गया था।





