'रहस्यमय सॉफ्टवेयर' से वोटर्स का नाम हटा रहा चुनाव आयोग, SIR पर TMC का नया दावा

Feb 06, 2026 03:12 pm ISTUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग और टीएमसी के बीच में खींचतान जारी है। टीएमसी के राज्य सभा सांसद साकेत गोखले ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने एक रहस्यमय सॉफ्टवेयर के जरिए मतदाताओं का नाम हटा दिया है।

'रहस्यमय सॉफ्टवेयर' से वोटर्स का नाम हटा रहा चुनाव आयोग, SIR पर TMC का नया दावा

चुनपश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग और तृणमूल कांग्रेस के बीच में लगातार तनाव जारी है। लगातार चुनाव आयोग पर निशाना बनाते आ रही तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को चुनाव आयोग पर पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाने का आरोप लगाया। पार्टी की तरफ से कहा कि ये नाम चुनाव निकाय द्वारा इस्तेमाल किए गए 'एक रहस्यमय खराब सॉफ्टवेयर' के जरिये हटाए गए हैं।

टीएमसी के राज्य सभा सांसद साकेत गोखले ने कहा कि अब तो आयोग के अधिकारियों ने भी मान लिया है कि सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी के कारण सही वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गये। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कई महीनों से इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा, "आयोग के अधिकारियों ने भी मान लिया है कि बंगाल की मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम 'एक रहस्यमय खराब सॉफ्टवेयर' के कारण हटाए गए हैं। हमारे नेताओं ने महीनों से इस ओर इशारा किया है और फिर भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार चुप रहे हैं।"

सॉफ्टवेयर का मुद्दा उठाते हुए गोखले ने सवाल किया कि आखिर यह प्रणाली किसने बनायी और खराब होने के बावजूद इसका इस्तेमाल क्यों किया गया। उन्होंने कहा, “आयोग के लिए यह रहस्यमय सॉफ्टवेयर किसने बनाया जो सही वोटरों के नाम हटा देता है? आयोग यह जानते हुए भी कि यह खराब है, इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल क्यों नहीं रोक रहा है?”

टीएमसी का भाजपा पर हमला

तृणमूल के सांसद ने इस मामले में राजनीतिक दखलअंदाजी का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर चुनाव आयोग पर नियंत्रित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "धरातल पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीण (एसआईआर) में हेरफेर करने की कोशिशों में नाकाम रहने के बाद, भाजपा के नियंत्रण वाले चुनाव आयोग ने दिल्ली में बैठकर चुनाव अधिकारियों को बाइपास करके एक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया और मतदाताओं का नाम हटा दिया। यह सबसे ऊंचे स्तर की गंदी चाल है।"

चुनाव आयोग से खींचतान

गोखले की तरफ से यह आरोप ऐसे समय में लगाए हैं, जब राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया जारी है। चुनाव आयोग द्वारा राज्य में मतदाता सूची को साफ करने के लिए की जाने वाली प्रक्रिया है। इसके जरिए नकली, दूसरे जगह जा चुके या मरे हुए मतदाताओं के नाम को हटाया जाता है और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ा जाता है। हालांकि, पश्चिम बंगाल की होने वाले चुनाव के चलते राजनीतिक पार्टियां इस प्रक्रिया पर करीब से नजर रख रही हैं। खासकर चुनावों से पहले इस चिंता के बीच कि गलतियों से मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं।

गोखले के आरोपों पर अभी तक चुनाव आयोग की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया है। आयोग ने पहले कहा है कि मतदाता सूची में बदलाव तय प्रक्रियाओं के अनुसार और बूथ-लेवल अधिकारियों और राजनीतिक पार्टी के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए कई स्तर के सत्यापन के साथ किए जाते हैं। आपको बता दें, इस प्रक्रिया के चलते राज्य में चुनाव आयोग और टीएमसी के बीच में लगातार तनाव बना हुआ है। ममता बनर्जी लगातार मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाना बना रही हैं। इतना ही नहीं वह उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी जा चुकी हैं।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

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