रोज नया जख्म! एक और करीबी सांसद ने ममता बनर्जी से बनाई दूरी, विरोधी गुट को किया ज्वाइन
टीएमसी प्रवक्ता ने कहा, 'इस हफ्ते की शुरुआत में सीआईडी ने ममता बनर्जी के आवासीय परिसर में छापा मारा था, उसी दौरान मुझे सुदीप दा का फोन आया। उन्होंने पूछा कि मैं कहां हूं। मैंने बताया कि मैं पहले से ही दीदी के घर पर मौजूद हूं।'

तृणमूल कांग्रेस सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने पार्टी के असंतुष्ट गुट के लेटर पर साइन कर दिया है। इसमें टीएमसी के भीतर एक अलग ब्लॉक के रूप में मान्यता देने की मांग की गई है। मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। हस्ताक्षर करने से पहले बंद्योपाध्याय ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। उनके साथ पार्टी की बागी सांसद शताब्दी रॉय भी थीं। बंद्योपाध्याय, सांसद शताब्दी रॉय के साथ दोपहर में राष्ट्रीय राजधानी के मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित भाजपा नेता के आवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने बैठक की। यह घटनाक्रम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी में गहराते संकट के बीच सामने आया है, जहां बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने दावा किया कि 19 लोकसभा सदस्य बागी गुट का समर्थन कर रहे हैं।
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर स्वयं को मूल तृणमूल कांग्रेस संसदीय समूह के रूप में मान्यता देने की मांग करने की तैयारी कर रहे हैं। बागी गुट की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने घोषणा की है कि यह गुट मान्यता मिलने के बाद संसद में भाजपा-नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देगा।
TMC के सीनियर सांसदों में से एक
कोलकाता उत्तर सीट से लोकसभा सांसद बंद्योपाध्याय तृणमूल कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ सांसदों में से एक हैं। लंबे समय से उन्हें पार्टी नेतृत्व और दिल्ली की राजनीतिक व्यवस्था के बीच अहम सेतु के रूप में देखा जाता है। बंद्योपाध्याय के कदम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि कोलकाता उत्तर के सांसद की सत्ता और पद की लालसा के कारण ही तृणमूल कांग्रेस ने कई महत्वपूर्ण नेताओं को भाजपा के हाथों खो दिया।
कुणाल घोष ने कहा, 'तापस रॉय और सजल घोष ने पार्टी को सुदीप दा की व्यक्तिगत असुरक्षाओं और पार्टी के भीतर सत्ता और पद की लालसा के कारण छोड़ दिया। मुझे पहले पार्टी से इसलिए निलंबित कर दिया गया था क्योंकि मैंने उनके खिलाफ और तापस दा जैसे वरिष्ठ नेताओं के पक्ष में आवाज उठाई थी। अब नेतृत्व को यह एहसास हो जाना चाहिए कि उन्होंने पहले किस तरह के व्यक्ति का समर्थन किया था।'
कुणाल घोष ने क्या बताया
टीएमसी प्रवक्ता ने कहा, 'इस हफ्ते की शुरुआत में, जब सीआईडी ने ममता बनर्जी के आवासीय परिसर में छापा मारा था, तब मुझे सुदीप दा का फोन आया, जिसमें उन्होंने पूछा कि मैं कहां हूं। जब मैंने उन्हें बताया कि मैं पहले से ही दीदी के घर पर हूं, तो उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी नयना जल्द ही वहां पहुंच जाएंगी। मैं इंतजार करता रहा, लेकिन वह कभी नहीं आईं। इसके बजाय, अब सुदीप दा खुद भाजपा के दरवाजे पर पहुंच गए हैं।' तृणमूल कांग्रेस के पास लोकसभा में 28 सदस्य हैं। पार्टी के पास राज्यसभा में 13 सदस्य हैं जिनमें से अब तक तीन ने इस्तीफा दे दिया है। तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर पार्टी में टूट कराने के उद्देश्य से ऑपरेशन लोटस चलाने का आरोप लगाया है।
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लेखक के बारे में
Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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