Hindi NewsIndia NewsWest Bengal Show cause notices to eight BLOs for non compliance SIR related instructions
घर-घर जाने के बजाय चाय की दुकान पर बांट रहे थे फॉर्म, चुनाव आयोग का 8 बीएलओ के खिलाफ ऐक्शन

घर-घर जाने के बजाय चाय की दुकान पर बांट रहे थे फॉर्म, चुनाव आयोग का 8 बीएलओ के खिलाफ ऐक्शन

संक्षेप: निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आयोग किसी भी बीएलओ के खिलाफ FIR दर्ज करने में संकोच नहीं करेगा, जो जानबूझकर फॉर्म में छेड़छाड़ करते या किसी विशेष राजनीतिक दल का प्रतिनिधित्व करने वाले के प्रभाव में काम करते पाए जाते हैं।

Sun, 9 Nov 2025 07:12 AMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में 8 बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए घर-घर जाने के बजाय चाय की दुकानों, स्थानीय क्लबों और अन्य स्थानों से फॉर्म बांट कर रहे थे। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। आयोग ने राज्य में एसआईआर की कवायद के दौरान प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए नए निर्देश भी जारी किए।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।
ये भी पढ़ें:बिहार के सीमांचल में नीतीश का 'जादुई समीकरण', जाति से ऊपर उठकर मिल रहा है समर्थन

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने कहा, 'आयोग ने राज्य अधिकारों को बिहार मॉडल का पालन करने का निर्देश दिया है, जिसके तहत बीएलओ को मतदाताओं के घर जाकर सीधे फॉर्म वितरित करने और एकत्र करने की आवश्यकता होती है।' प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आयोग किसी भी बीएलओ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने में संकोच नहीं करेगा, जो जानबूझकर फॉर्म में छेड़छाड़ करते या किसी विशेष राजनीतिक दल का प्रतिनिधित्व करने वाले के प्रभाव में काम करते पाए जाते हैं। जिला निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) ने अनियमित वितरण की कई शिकायतें मिलने के बाद कूचबिहार और उत्तर 24 परगना सहित कई जिलों के BLO को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

चुनाव आयोग ने चेतावनी दी थी कि उसके घर-घर जाकर मतदान करने के निर्देश का पालन न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, आयोग ने शनिवार को नागरिकों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर - 033-22310850 - शुरू किया, ताकि वे पक्षपातपूर्ण व्यवहार में लिप्त बीएलओ के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकें। ऐसी शिकायतों में नामित किसी भी बीएलओ से पहले पूछताछ के बाद उसे चेतावनी दी जाएगी। अगर वह अपराध दोहराता पाया जाता है, तो विभागीय जांच का आदेश दिया जा सकता है।
(एजेंसी इनपुट)

Niteesh Kumar

लेखक के बारे में

Niteesh Kumar
नीतीश 7 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024 की कवरेज कर चुके हैं। पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।