एक दिन में कोई नेता नहीं बनता; ममता बनर्जी और अभिषेक के खिलाफ पुराने साथी ने खोला मोर्चा

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Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ उनके पुराने साथी एक के बाद एक हमला बोलते जा रहे हैं। ममता के पूर्व करीबी पार्थ चटर्जी ने उन पर भ्रष्टाचार को अनदेखा करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने अभिषेक पर भी हमला बोला।

एक दिन में कोई नेता नहीं बनता; ममता बनर्जी और अभिषेक के खिलाफ पुराने साथी ने खोला मोर्चा

पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी ने सत्ता के साथ-साथ कई भरोसेमंद लोगों को भी गंवा दिया है। या फिर इसको ऐसे कहें कि सत्ता के जाते ही उनके करीबी लोगों ने अब पूर्व सीएम के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। अब इस लिस्ट में नया नाम शामिल हुआ है पार्थ चटर्जी का। पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और कभी ममता बनर्जी के करीबी रहे पार्थ ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सत्ता जाने के लिए ममता और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी ही जिम्मेदार हैं।

एनडीटीवी से बात करते हुए पार्थ ने ममता बनर्जी सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी ने भ्रष्टाचार को पूरी तरह से नजर अंदाज कर दिया। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी जनता से पूरी तरह से दूर हो गए थे। यही विधानसभा चुनाव में उनकी हार की सबसे बड़ी वजह बनी।"

कोई एक दिन में नेता नहीं बन जाता: अभिषेक बनर्जी को लेकर पार्थ चटर्जी

कभी ममता बनर्जी के करीबी रहे पार्थ चटर्जी ने अभिषेक बनर्जी के ऊपर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा,"पार्टी किसी को राजनीति नहीं सिखा सकती है। पार्टी में कोई ट्रेनिंग की जगह नहीं होती है। कोई एक दिन में नेता नहीं बन जाता है। उसके लिए जमीन पर काम करना होता, जनता का भरोसा जीतना होता है। उसके बाद ही कोई नेता बनता है।" उन्होंने कहा, "अभिषेक बनर्जी ने हमारी पार्टी की राजनीतिक संस्कृति बदलने की कोशिश की। चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक ने जिस तरीके से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ऊपर हमला बोला, वह पूरी तरह से गलत था। यह बंगाल की राजनीतिक संस्कृति के खिलाफ था। लेकिन इसके बाद भी पार्टी ने उन्हें नहीं रोका। यह अपमानजनक था।"

बता दें, तृणमूल कांग्रेस में ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के बढ़ते हुए कद से कई नेताओं को परेशानी हुई है। ममता ने 2011 में पार्टी की युवा इकाई के अध्यक्ष के रूप में अभिषेक की राजनीति में एंट्री करवाई। इसके बाद जून 2021 में उन्हें पार्टी महासचिव घोषित कर दिया। इसके बाद पार्टी के फैसलों को लेकर भी अभिषेक का दखल बढ़ता गया, जिसकी वजह से ममता के कई करीबी उनसे दूर होते गए।

कई जानकार लोगों का मानना है कि वर्तमान में ममता को हराकर मुख्यमंत्री बनने वाले शुभेंदु अधिकारी भी उन्हीं नेताओं में शामिल थे, जो पार्टी के अभिषेक के बढ़ते कद से खुश नहीं थे। यह नेता पार्टी के साथ काफी समय से मेहनत कर रहे थे। ऐसे में अभिषेक का सीधे आकर पार्टी पर कब्जा कर लेना इनसे हजम नहीं हुआ। इसी के चलते इन लोगों ने पार्टी को छोड़ दिया।

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Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

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