मानसिक रूप से TMC में नहीं; विधायकों के बाद ममता बनर्जी को झटका देने की तैयारी में सांसद

Upendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। विधायकों के बाद अब पार्टी के सांसदों के भी बागी होने की खबरें तेज हैं। राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने बगावत के संकेत देते हुए कहा कि वह मानसिक रूप से पार्टी के अलग हो चुके हैं।

मानसिक रूप से TMC में नहीं; विधायकों के बाद ममता बनर्जी को झटका देने की तैयारी में सांसद

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही है। बंगाल की सत्ता गंवाने वाली ममता का नियंत्रण अब अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ऊपर से भी खो रहा है। विधायक पहले ही अलग होकर ममता को मार्गदर्शक मंडल में भेजने की पटकथा लिख चुके हैं। अब खबर है कि पार्टी के लोकसभा और राज्यसभा सांसद भी ममता बनर्जी और अभिषेक के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। इसका सबसे बड़ा संकेत टीएमसी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने दिया। उन्होंने कहा कि विधायकों की तरह ही पार्टी के सांसद भी पार्टी से बगावत कर सकते हैं।

स्थानीय टीवी चैनल से बात करते हुए तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद ने पार्टी के भविष्य में होने वाली बगावत के संकेत देते हुए बागी विधायकों को लेकर बात रखी। उन्होंने कहा, "मैंने कभी भी इतने कम समय में लगभग 60 विधायकों को पार्टी से टूटते हुए नहीं देखा। मैं यह कह रहा हूं कि लोकसभा से भी ऐसी ही प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। क्योंकि जो कुछ अभी हो रहा है। मुझे उससे कोई आश्चर्य नहीं है। मैंने पहले ही इस बात को कह दिया था कि जिस तरीके से संगठन चल रहा है। उससे यह जल्दी ही टूट जाएगा और देखिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

इससे पहले पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में सुखेंदु ने लोकसभा के साथ-साथ पार्टी के राज्यसभा विधायकों के बीच भी असंतोष की खबरों को साझा किया। उन्होंने कहा, "मैं कैसे कह सकता हूं कि कल क्या होगा। समय आने पर देखा जाएगा। लेकिन अभी तक किसी ने भी मुझसे संपर्क नहीं किया है। मैं अभी शारीरिक रूप से पार्टी के साथ हूं। लेकिन मानसिक रूप से नहीं। मैं उन लोगों के साथ क्यों रहूंगा जिनके ऊपर भ्रष्टाचार और गलत कामों के आरोप हैं?"

बता दें, तृणमूल कांग्रेस के पास वर्तमान में 23 लोकसभा सांसद और 13 राज्यसभा सांसद हैं। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बाद टीएमसी विपक्ष की सबसे मुखर आवाज है। अगर पार्टी के सांसदों में टूट होती है, तो यह राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन के लिए एक बड़ा झटका होगा।

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लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

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