बंगाल चुनाव से पहले गवर्नर सीवी आनंद बोस का इस्तीफा, ममता ने जताई हैरानी, RN रवि बने नए राज्यपाल
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगे लिखा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने अभी मुझे बताया कि आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का गवर्नर बनाया जा रहा है। उन्होंने इस बारे में तय रिवाज के मुताबिक मुझसे कभी सलाह नहीं ली।

पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले वहां के गवर्नर सीवी आनंद बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। लोक भवन के अधिकारी ने ये जानकारी दी है। हालांकि, उनके इस्तीफे के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। बोस करीब साढ़े तीन साल तक बंगाल के गवर्नर रहे। लोकभवन सूत्रों ने पीटीआई को बताया है कि उन्होंने दिल्ली में इस्तीफा दिया। बोस, जिन्हें 17 नवंबर, 2022 को बंगाल का गवर्नर बनाया गया था, ने PTI से कहा, "हाँ, मैंने इस्तीफा दे दिया है। मैं साढ़े तीन साल से बंगाल का गवर्नर हूँ; मेरे लिए यह काफी है।" हालांकि, उन्होंने अपने अचानक इस्तीफ़े की वजह नहीं बताई और यह भी नहीं बताया कि क्या कोई पॉलिटिकल दबाव था जिसकी वजह से उन्होंने यह फ़ैसला लिया। बोस की जगह तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि को बंगाल का नया गवर्नर बनाया गया है।
दूसरी तरफ, राज्यपाल के इस्तीफे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आश्चर्य जताया है और कहा है कि अचानक उनके इस्तीफे से हैरान और चिंतित हूं। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर ट्वीट किया, “पश्चिम बंगाल के गवर्नर सी. वी. आनंद बोस के इस्तीफे की अचानक खबर से मैं हैरान और चिंतित हूँ। उनके इस्तीफे के पीछे की वजह मुझे अभी पता नहीं है। हालाँकि, मौजूदा हालात को देखते हुए, मुझे हैरानी नहीं होगी अगर आने वाले राज्य विधानसभा चुनावों से ठीक पहले गवर्नर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने कुछ राजनीतिक फायदे के लिए दबाव डाला हो।”
ममता ने आगे लिखा, “केंद्रीय गृह मंत्री ने अभी मुझे बताया कि आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का गवर्नर बनाया जा रहा है। उन्होंने इस बारे में तय रिवाज के मुताबिक मुझसे कभी सलाह नहीं ली। ऐसे काम भारत के संविधान की भावना को कमजोर करते हैं और हमारे फेडरल स्ट्रक्चर की बुनियाद पर हमला करते हैं। केंद्र को कोऑपरेटिव फ़ेडरलिज़्म के सिद्धांतों का सम्मान करना चाहिए और ऐसे एकतरफ़ा फ़ैसले लेने से बचना चाहिए जो लोकतांत्रिक रिवाजों और राज्यों की इज़्ज़त को कमज़ोर करते हैं।”
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, लद्दाख के उप राज्यपाल कवींद्र गुप्ता ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों से जानकारी मिली है कि अभी और कई राज्यों के राज्यपाल और उप राज्यपाल इस्तीफा दे सकते हैं।
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Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


