TMC दफ्तर में फांसी के फंदे से लटका मिला पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का शव, ‘सुसाइड नोट’ भी बरामद
आशीष बनर्जी का शव फांसी के फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया और पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी का शव रविवार सुबह बीरभूम जिले के रामपुरहाट शहर में स्थित उनके घर के पास बने पार्टी दफ्तर से बरामद हुआ।
मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस के हवाले से बताया गया कि उनका शव फांसी के फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया और पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
‘सुसाइड नोट’ भी बरामद
पुलिस ने यह भी बताया कि रामपुरहाट में उनके घर के पास स्थित पार्टी कार्यालय से एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है।
आशीष बनर्जी के भाई प्रशांत बनर्जी ने मीडिया को बताया, "दरवाजे में एक छोटा सा छेद था और उसमें एक रस्सी लटकी हुई दिखाई दी। इससे कुछ संदेह पैदा हुआ। फिर परिवार के सभी सदस्यों को बुलाया गया और पुलिस को सूचना दी गई। हमारी हर रोज बैठकें होती थीं। रात में भी कुछ असामान्य नहीं लग रहा था। वह दिन भर कार्यालय में रहते थे। कल स्वतंत्रता दिवस पर झंडा भी फहराया गया था और सब कुछ सामान्य था।"
ममता सरकार में रहे मंत्री, रामपुरहाट से रहे 5 बार विधायक
70 साल आशीष बनर्जी बीरभूम की राजनीति के कद्दावर चेहरों में से एक माने जाते थे। वे रामपुरहाट विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक निर्वाचित हुए।
पश्चिम बंगाल में जब ममता बनर्जी के नेतृत्व में पहली बार टीएमसी की सरकार बनी थी, तब वे राज्य के शिक्षा और कृषि मंत्री रहे। इसके बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा के डिप्टी स्पीकर के तौर पर भी सेवाएं दीं।
इसी साल (2026) हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार ध्रुव साहा से कड़े मुकाबले में चुनाव हार गए थे।
आशीष बनर्जी ने जून में दिया था इस्तीफा
बीजेपी ने पिछले चुनाव में बीरभूम की 11 सीटों में से छह पर जीत हासिल की। 2021 में, तृणमूल ने इसी जिले में भाजपा की एक सीट के मुकाबले 10 सीटें जीती थीं।
आशीष बनर्जी ने जून में तृणमूल की बीरभूम जिला कोर कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, उन्होंने घोषणा की थी कि वे पार्टी के सामान्य सदस्य बने रहेंगे।


