बॉर्डर से लगे बंगाल के 5 गांवों का वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में चयन, आखिर क्या है मकसद
बगदाह की विधायक सोमा ठाकुर ने कहा कि चयनित गांवों में आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए विभिन्न विकास परियोजनाएं चलाई जाएंगी। बेहतर सड़क संपर्क, शिक्षा और नागरिक सुविधाओं से स्थानीय लोगों का जीवन आसान होगा।

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे 5 गांवों का चयन केंद्र सरकार के वाइब्रेंट विलेजे प्रोग्राम के तहत किया गया है। यह पहली बार है जब राज्य के इन सीमावर्ती गांवों को इस महत्वाकांक्षी योजना में शामिल किया गया है। इस योजना का मकसद रणनीतिक रूप से अहम सीमा क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे का विकास करना, लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना और सीमावर्ती इलाकों को अधिक सशक्त बनाना है। रविवार को बगदाह ब्लॉक विकास कार्यालय में योजना के क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बगदाह की विधायक सोमा ठाकुर, सीमा सुरक्षा बल, बगदाह पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
योजना के पहले चरण में जिन पांच गांवों का चयन किया गया है, उनमें बोयरा-1 ग्राम पंचायत का लक्ष्मीपुर, अशारू ग्राम पंचायत के गांगुलिया, हमकुरा और बागुई, तथा कोनियारा-2 ग्राम पंचायत का माथाभांगा शामिल हैं। बैठक में इन गांवों में सड़क, स्कूल, सार्वजनिक भवन, पेयजल, संचार और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना पर विचार किया गया। अधिकारियों ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा। साथ ही इन इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत होने से प्रशासनिक पहुंच और सीमा प्रबंधन भी अधिक प्रभावी बनेगा।
विकास परियोजनाओं पर रहेगा जोर
बगदाह की विधायक सोमा ठाकुर ने कहा कि चयनित गांवों में आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए विभिन्न विकास परियोजनाएं चलाई जाएंगी। उनका कहना था कि बेहतर सड़क संपर्क, शिक्षा और नागरिक सुविधाओं से स्थानीय लोगों का जीवन आसान होगा। साथ ही, रोजगार और आजीविका के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास केवल स्थानीय निवासियों के लिए ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी अहम है। सरकार का लक्ष्य इन गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस करना है ताकि यहां रहने वाले लोगों का पलायन कम हो सके।
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम केंद्र सरकार की प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य दूरस्थ और रणनीतिक दृष्टि से अहम सीमा गांवों का विकास करना है। इस योजना के तहत सड़क, संचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और अन्य सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाया जाता है ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का जीवन स्तर ऊंचा हो। वे अपने गांवों में ही रहकर बेहतर भविष्य बना सकें। योजना का एक अहम उद्देश्य सीमा पर बसे गांवों को देश के आखिरी गांव के बजाय भारत के पहले गांव के रूप में विकसित करना है।
लेखक के बारे में
Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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