पश्चिम बंगाल में घर-घर जाकर वोटर स्लिप बांट रहे BLO! घर पर कोई नहीं मिला फिर क्या होगा?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का पहला चरण 23 अप्रैल को होगा। इसके बाद दूसरा चरण 29 अप्रैल को संपन्न होगा। चुनाव आयोग लगातार इस काम के लिए लगा हुआ है। वोटर्स के सत्यापान का काम सुचारू रूप से चलाए रखने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है।

पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग के लिए केवल पांच दिन बाकी हैं। विधानसभा चुनाव को सुचारू रूप से करवाने के लिए आयोग ने बीएलओ को घर-घर जाकर मतदाता सूची पर्ची बांटने का आदेश दिया था। आयोग के मुताबिक सभी बूथ लेवल अधिकारियों को यह काम चुनाव प्रक्रिया के ठीक 5 दिन पहले तक पूरा करना होगा। बंगाल में पहले चरण का चुनाव 23 अप्रैल को है। ऐसे में पहले चरम में जिन भी सीटों पर मतदान होना है, उन पर वोटर स्लिप्स को मतदाताओं तक पहुंचाने का यह आखिरी दिन है।
बता दें कि आयोग के इस फैसले के पीछे मतदाताओं के विवरण को जल्दी ढूंढ़ने और सत्यापन करने में की मंशा थी। एक अधिकारी ने बताया कि मतदाता पर्चियों को घर-घर पहुंचाने से सही मतदाताओं के पास तक यह पर्ची पहुंच जाएगी, जिससे मतदान के दिन आसानी होगी।
चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि इस निर्देश का उद्देश्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा मतदाताओं से मिलने और कथित तौर पर उन्हें "प्रभावित या डराने" की कोशिश करने की पूर्व प्रथा पर अंकुश लगाना है।
चुनाव आयोग की तरफ से इस बार मतदाता पर्ची को लेकर सख्त आदेश दिए गए हैं। निर्देश में कहा गया है कि मतदाता सूचना पर्ची अधिकारी (बीएलओ) पंजीकृत मतदाता को या फिर "मतदाता के परिवार के किसी वयस्क सदस्य को, जो स्वयं मतदाता हो", पर्ची देंगे। निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वितरण के दौरान बीएलओ को "पूर्ण निष्पक्षता" बनाए रखनी होगी। आयोग ने कहा है कि उम्मीदवारों के प्रतिनिधि वितरण के लिए बीएलओ के साथ शामिल हो सकते हैं और बीएलओ वितरण रजिस्टर में उनके हस्ताक्षर लेंगे।
अगर कोई घर पर नहीं मिले फिर क्या होगा?
भारत जैसे देश में पलायन आम बात है। ऐसे में कई बार ऐसा संभव है कि बीएलओ किसी मतदाता के घर पहुंचे और वहां पर कोई नहीं मिले। इस स्थिति के लिए भी आयोग ने दिशा निर्देश दिए हैं। आयोग के मुताबिक अगर बीएलओ घर पर आता है और घर पर कोई नहीं मिलता है, तो इस स्थिति में भी आपके वोट डालने के अधिकार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
आम तौर पर आप बीएलओ से संपर्क करके अपनी पर्ची की मांग कर सकते हैं। इसके बाद भी अगर यह संभव नहीं होता है, तो चुनाव वाले दिन पोलिंग बूथ पर जाकर वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक करके वोट डाल सकते हैं।
अगर आपको जल्दी ही अपना नाम चाहिए तो आप वोटर्स हेल्पलाइन पर कॉल करके या चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपना एपिक नंबर और बूथ डिटेल निकाल सकते हैं। इसके अलावा बूथ के बाहर भी एक हेल्ड डेस्क की व्यवस्था होती है। यहां पर आपको अपने वोट की डिटेल मिल जाती है।
टीएमसी कार्यकर्ताओं को ममता बनर्जी का निर्देश
पश्चिम बंगाल का चुनाव भाजपा और टीएमसी दोनों ही दलों के लिए आर-पार की लड़ाई बना हुआ है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस चुनाव के लिए अपने कार्यकर्ताओं से पूरी तरह से सतर्क रहने के लिए कहा है।
धीमी काउंटिंग से घबराएं नहीं: ममता
ममता बनर्जी ने 4 मई के लिए भी अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए। उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं में असंतोष पैदा करने के लिए और उन्हें भड़काने के लिए स्लो काउंटिंग का सहारा लिया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग ने यह योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में कई निर्वाचन क्षेत्रों में टीएमसी पीछे चल रही है, लेकिन कार्यकर्ताओं को इससे गुमराह नहीं होना चाहिए।
अपने कार्यकर्ताओं को अंतिम वोट की गिनती होने तक मतगणना केंद्र न छोड़ने की कड़ी चेतावनी दी, और आरोप लगाया कि विरोधी जानबूझकर अराजकता पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं।
ईवीएम की निगरानी करें: ममता बनर्जी
ममता ने अपने कार्यकर्ताओं से ईवीएम पर निगरानी रखने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को सतर्क रहना होगा और यह जांच करनी होगी कि मशीन पूरी तरह से सही हो। विधानसभा चुनाव को राजनीतिक युद्ध करार देते हुए ममता ने कार्यकर्ताओं से विरोधी दलों से सावधान रहने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि विरोधी कार्यकर्ताओं को "नशीली चाय और मिठाई" देकर प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं, और उनसे सतर्क रहने की जरूरत है।
लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
और पढ़ें

