पश्चिम बंगाल की 20 सीटों पर कटे सबसे ज्यादा वोट, 13 पर जीत गई TMC

Aditi Sharma लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
share

पश्चिम बंगाल में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। बीजेपी ने 200 सीटों के साथ रिकॉर्डतोड़ जीत हासिल की है जबकि टीएमसी केवल 8 सीटों पर सिमट गई

पश्चिम बंगाल की 20 सीटों पर कटे सबसे ज्यादा वोट, 13 पर जीत गई TMC

पश्चिम बंगाल में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। बीजेपी ने 207 सीटों के साथ रिकॉर्डतोड़ जीत हासिल की है जबकि टीएमसी केवल 8 सीटों पर सिमट गई। विपक्ष ममता बनर्जी की हार का एक कारण एसआईआर को भी माना रहा है। पश्चिम बंगाल में टीएमसी के लिए चुनाव प्रचार करने के लिए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल ने भी यही आऱोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जैसे दिल्ली में कई सीटों पर वोट काट कर आप को हराया, वहीं रणनीति पश्चिम बंगाल में भी अपनाई गई। कई सीटों पर एसआईआर का असल भले बी देखा गया हो लेकिन जिन 20 सीटों पर सबसे ज्यादा वोट काटे गए, उनमें से अधिकतर पर टीएमसी ने बाजी मारी है।

पश्चिम बंगाल में एसआईआर अभियान के बाद मतदाता सूची से करीब 91 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए थे। तब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग पर राज्य के मतुआ, राजबंशी और अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को निशाना बनाते हुए उनके नाम हटाने का आरोप लगाया था। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी मुसलमानों के लिए कोई जगह नहीं है।

इस बीच इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल की जिन 20 सीटों पर सबसे ज्यादा वोट काटे गए, उनमें से ज्यादातर सीटें टीएमसी के खाते में ही गई हैं। समसेरगंज में 74775 वोट काटे गए और ये सीट टीएमसी के खाते में गई। इसी तरह लालगोला में 55 हजार से ज्यादा वोट काटे गए थे और इश सीट पर भी टीएमसी ने जीत दर्ज की है। भागाबंगोला और रघुनाथगंज में जहां 45 हजार से ज्यादा वोट काटे गए, वहां भी टीएमसी ने ही बाजी मारी है।

यहां देखिए पूरी लिस्ट

1. तृणमूल कांग्रेस (TMC) - कुल 13 सीटें

इन सीटों पर सबसे अधिक नाम हटाए जाने के बावजूद TMC ने जीत दर्ज की।

समसेरगंज- 74,775 वोट काटे गए, लालगोला- 55,420 भागाबंगोला- 47,493, रघुनाथगंज- 46,100 , मेटियाबुर्ज़- 39,579, सुति- 37,965 , मोथाबारी- 37,255 , गोलपोखर- 31,384 , मालतीपुर: 29,489 , चोपड़ा- 27,898, सुजापुर-26,829, राजारहाट न्यू टाउन-24,132, बशीरहाट उत्तर- 23,900 वोट काटे गए।

2. - बीजेपी ने जीती 6 सीटें

जंगीपुर- 36,581, रतुआ- 35,573, करणदिघी- 31,562, केतुग्राम: 26,780, मानिकचक: 23,726, मोंटेश्वर: 23,423 वोट काटे गए।

3. कांग्रेस के खाते में गई एक सीट

फरक्का में 38,222 वोट काटे गए।

हार के बाद क्या बोलीं ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की हार के एक दिन बाद ममता बनर्जी ने मंगलवार को इस्तीफा देने से इनकार कर दिया और आरोप लगाया कि चुनावी नतीजों में हेरफेर की गई है। राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 293 सीटों में से 207 पर जीत हासिल कर दो-तिहाई बहुमत प्राप्त कर लिया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस को केवल 80 सीटें मिली हैं। हार के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सुश्री बनर्जी ने व्यापक अनियमितताओं का दावा किया और कहा कि उनकी पार्टी 2026 के विधानसभा चुनाव में वास्तव में नहीं हारी है।

ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि सोमवार को एक मतगणना केंद्र के भीतर उनके साथ मारपीट की गई। जब उनसे इस्तीफे के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट मना करते हुए मतगणना प्रक्रिया में 'पूर्ण हेरफेर' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "चुनाव में कोई हारता है और कोई जीतता है, हम सभी इसे स्वीकार करते हैं, लेकिन यहाँ हम हारे नहीं हैं। मतगणना में पूरी तरह धांधली हुई है।

बनर्जी ने आरोप लगाया, एजेंटों को जबरन बाहर निकाल दिया गया और फॉर्म 17सी छीन लिया गया। अगर वे ईमानदारी से जीतते, तो मुझे कुछ नहीं कहना था। मैं इस्तीफा क्यों दूँ? आयोग ने सीधे तौर पर भाजपा के इशारे पर काम किया है। उन्होंने दावा किया कि जब वह मतगणना केंद्र में दाखिल हुईं, तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और शारीरिक हमला किया गया।

वार्ता से इनपुट

Aditi Sharma

लेखक के बारे में

Aditi Sharma

अदिति शर्मा

अदिति शर्मा डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें लाइव हिंदुस्तान, TV9 भारतवर्ष और न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में 9 वर्षों का अनुभव है। BCA और MMC की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, वे तकनीक और पत्रकारिता के मूल्यों का सटीक संतुलन बनाती हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीति, अपराध और शोध-आधारित लेखन में है, जहां वे सकारात्मक प्रभाव डालने वाली विश्वसनीय पत्रकारिता को प्राथमिकता देती हैं।


विस्तृत बायो

डिजिटल मीडिया के इस दौर में, अदिति शर्मा पिछले 9 सालों से सूचनाओं को खबरों में और खबरों को अटूट विश्वसनीयता में बदलने का काम कर रही हैं। वर्तमान में 'लाइव हिंदुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत रहते हुए, उनकी पत्रकारिता का मुख्य आधार रफ्तार के साथ गहरी सटीकता बनाए रखना रहा है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी और मीडिया शिक्षा का एक संतुलित मेल है। उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से BCA किया है। इसके बाद उन्होंने इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की, जिसने उनके पत्रकारिता कौशल को निखारा।


अदिति के करियर का एक बड़ा हिस्सा TV9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन और इंडिया टुडे जैसे देश के प्रतिष्ठित न्यूज रूम्स के साथ बीता है। इस दौरान उन्होंने न केवल पॉलिटिक्स, क्राइम और स्टेट न्यूज जैसी 'हार्ड-कोर' खबरों को कवर किया, बल्कि फीचर राइटिंग, ओपिनियन आर्टिकल्स और रिसर्च-आधारित गहन लेखन के जरिए खबरों की तह तक जाने का सफल प्रयास किया है।


उनके लिए पत्रकारिता केवल सूचना देना नहीं, बल्कि मल्टीमीडिया का एक संपूर्ण अनुभव है। एंकरिंग से लेकर वीडियो प्रोडक्शन और 'कैलेंडर जर्नलिज्म' से लेकर 'फैक्ट चेक' तक, उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता के हर अनिवार्य पहलू को जिया है। सोशल मीडिया की नब्ज पहचानना और कंटेंट को लाखों लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना उनकी सबसे बड़ी पेशेवर ताकत है।


तथ्यों के प्रति उनकी ईमानदारी और 'मीडिया लॉ एंड एथिक्स' के दायरे में रहकर जनता की आवाज उठाना ही उनकी पत्रकारिता का असली उद्देश्य है। वे नई तकनीक और पत्रकारिता के पुराने मूल्यों के बीच एक ऐसा संतुलन बनाने में विश्वास रखती हैं, जिससे समाज को न केवल सही जानकारी मिले, बल्कि उस पर लोगों का भरोसा भी बना रहे। उनका हमेशा यह प्रयास रहता है कि उनकी खबरों से समाज में एक सकारात्मक बदलाव आए।

और पढ़ें