हिस्सा चोरी करने नहीं देंगे; महिला आरक्षण पर राहुल की ललकार, चल दिया OBC और दक्षिण वाला दांव
Rahul on Women’s Reservation Bill: राहुल ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण का पूरी तरह से समर्थन करती है, लेकिन सरकार इसके नाम पर कुछ और करना चाहती है। उन्होंने दावा किया, अब बहुत बड़ी बेईमानी की जा रही है।

Rahul Gandhi on Women’s Reservation Bill: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिला आरक्षण के नाम पर अन्य पिछड़ा वर्गों (OBC) का 'हिस्सा चोरी' करना चाहते हैं, जो 'राष्ट्र विरोधी गतिविधि' है। राहुल ने लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश किए जाने से एक दिन पहले एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि अगर सरकार महिला आरक्षण लागू करना चाहती है, तो वह वर्तमान नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ही लागू कर सकती है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार परिसीमन करना चाहती है तो वह नई जनगणना के आधार पर होना चाहिए, क्योंकि उसमें ओबीसी की आबादी का आंकड़ा होगा।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण का पूरी तरह से समर्थन करती है, लेकिन सरकार इसके नाम पर कुछ और करना चाहती है। उन्होंने दावा किया, ''अब बहुत बड़ी बेईमानी की जा रही है। प्रधानमंत्री नहीं चाहते हैं कि जाति जनगणना और नई जनगणना के आधार पर यह (महिला आरक्षण) लागू हो। प्रधानमंत्री आपकी (ओबीसी) भागीदारी आप से छीन रहे हैं। वह चाहते हैं कि 2011 की जनगणना का इस्तेमाल किया जाए, जिसमें अन्य पिछड़ा वर्गों की संख्या ही नहीं है। वह आपकी (ओबीसी) भागीदारी छीनना चाहते हैं।''
भाजपा, संघ और PM मोदी घबरा गए हैं
राहल ने कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोग घबरा गए हैं, क्योंकि जाति जनगणना के आंकड़े आना शुरू हो गए हैं। उन्हें पता लग गया है कि पिछड़ों की कितनी आबादी है। वे नहीं चाहते कि आपको (ओबीसी) आबादी के हिसाब से भागीदारी मिले। यह राष्ट्र-विरोधी गतिविधि है।'' कांग्रेस नेता ने प्रस्तावित परिसीमन को 'खतरनाक' करार दिया और कहा, ''सच्चाई यह है कि मोदी जी जो चाहते हैं, अगर वह हो जाए, तो उससे दक्षिण के राज्यों, पश्चिम के छोटे राज्यों और पूर्वोत्तर के राज्यों को भयंकर नुकसान होगा। यह राष्ट्र-विरोधी गतिविधि है।''
2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन मत कीजिए
उन्होंने कहा, ''हमारा रुख है कि आप (प्रधानमंत्री) 2026 में हो रही जनगणना के आधार पर (परिसीमन) कीजिए और 2011 की जनगणना के आधार पर मत कीजिए, क्योंकि उसमें ओबीसी का आंकड़ा नहीं है।'' राहुल ने कहा, ''अगर आप (प्रधानमंत्री) महिला आरक्षण अधिनियम लागू करना चाहते हैं, तो आपके पास एक अधिनियम पड़ा हुआ है, उसे लागू कीजिए। हम पूरा समर्थन करेंगे। मगर हम आपको अन्य पिछड़ा वर्गों, दक्षिण भारतीय राज्यों और छोटे प्रदेशों के खिलाफ काम नहीं करने देंगे।''
हिस्सा चोरी नहीं होने देंगे
उन्होंने कहा, ''मोदी जी, मैं समझता हूं कि आप देश को यह संदेश देना चाहते हैं कि आप महिला समर्थक हैं। मैं जानता हूं कि आप एप्स्टीन फाइल से डरे हुए हैं।'' राहुल ने कहा, ''आप चाहते हैं कि आपके मुताबिक सीटें बढ़ें, आपके मुताबिक परिसीमन हो और ओबीसी को कुछ नहीं मिले। हम आपको ऐसा नहीं करने देंगे।'' उन्होंने कहा, ''हम जाति जनगणना के आंकड़ों को नज़रअंदाज़ करके OBC, दलित और आदिवासी समुदायों के हिस्से की चोरी (Hissa Chori) नहीं होने देंगे और पुराना डेटा भी चलने नहीं देंगे। अन्य पिछड़ा वर्गों, दलितों और आदिवासियों को उनका वाजिब हक मिलना चाहिए। साथ ही, हम दक्षिणी, उत्तर-पूर्वी, उत्तर-पश्चिमी और छोटे राज्यों के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने देंगे।''
लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


