अपने पोत को भारत का मेहमान बता रहा ईरान, क्या है लिंक का सच; US ने डुबोया

Nisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
share

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा, 'लगभग 130 नाविकों को ले जा रहे और भारत की नौसेना के अतिथि पोत 'फ्रिगेट देना' पर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना किसी चेतावनी के हमला किया गया। मेरी बात याद रखना- अमेरिका ने जो उदाहरण पेश किया है, उसे उस पर अत्यधिक पछतावा होगा।'

अपने पोत को भारत का मेहमान बता रहा ईरान, क्या है लिंक का सच; US ने डुबोया

अमेरिकी हमले का शिकार हुई ईरानी IRIS Dena को ईरान ने भारत का मेहमान बताया था। हालांकि, भारतीय नौसेना के साथ अभ्यास करने और विदा होने की तारीख अलग इशारा कर रही हैं। ईरान ने आरोप लगाए हैं कि अमेरिका ने भारत के मेहमान पर बगैर चेतावनी हमला कर दिया था। हाल ही में अमेरिकी स्ट्राइक में IRIS Dena डूब गई थी, जिसमें करीब 80 लोगों की मौत हो गई थी।

कब आया भारत और कब निकला

हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार, सूत्रों ने बताया है कि 28 फरवरी को युद्ध छिड़ने के बाद जहाज ने भारत से मदद नहीं मांगी थी। IRIS Dena 16 फरवरी से 25 फरवरी तक चले वाइजैग में IFR यानी इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का हिस्सा बनी थी। खास बात है कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की शुरुात 28 फरवरी को की थी।

भारतीय मेहमान थी या नहीं

इस लिहाज से ईरानी जहाज 25 फरवरी के बाद भारतीय क्षेत्र के बाहर था और विदा होने के बाद अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में था। अखबार को सूत्रों ने बताया कि जहाज और उसमें शामिल लोग 16 फरवरी से 25 फरवरी के बीच भारतीय मेहमान थे। इसके बाद जहाज ने भारत किसी भी तरह की कोई मदद की मांग नहीं की थी।

खास बात है कि अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी पोत पर हमले की पुष्टि कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह किसी दुश्मन युद्धपोत को टॉरपीडो से डुबोने की पहली घटना है।

ईरान ने बताया था भारतीय मेहमान

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा, 'लगभग 130 नाविकों को ले जा रहे और भारत की नौसेना के अतिथि पोत 'फ्रिगेट देना' पर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना किसी चेतावनी के हमला किया गया। मेरी बात याद रखना- अमेरिका ने जो उदाहरण पेश किया है, उसे उस पर अत्यधिक पछतावा होगा।'

ईरान के सबसे नए युद्धपोतों में से एक, आईरिस देना, मौदगे श्रेणी का एक फ्रिगेट है जो ईरानी नौसेना के लिए समुद्र में गश्त करता है। यह भारी तोपों, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों, पोत-रोधी मिसाइलों और टॉरपीडो से लैस था। पोत पर एक हेलीकॉप्टर भी था।

श्रीलंका ने बचाया

बुधवार को विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने संसद को बताया कि श्रीलंका की नौसेना को सूचना मिली थी कि 180 लोगों को ले जा रहा पोत 'इरिस देना' संकट में है, जिसके बाद श्रीलंका ने बचाव अभियान के लिए अपने पोतों और वायुसेना के विमानों को भेजा।

Nisarg Dixit

लेखक के बारे में

Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

और पढ़ें