वो पीसी सरकार थे या माइकल जैक्सन? निशिकांत दुबे का राहुल गांधी पर तंज; 17 अप्रैल की घटना भी बताई
Nishikant Dubey on Rahul Gandhi: दुबे ने कहा कि आज मैं जब यहां आया तो मुझे लगा कि नेता प्रतिपक्ष से माताओं और बहनों के लिए कुछ सुनने को मिलेगा लेकिन उन्होंने जब भाषण शुरू किया और जब खत्म किया तो लगा कि मैंने पीसी सरकार का जादू शो देख लिया या माइकल जैक्सन का डांस शो देख लिया।

Nishikant Dubey on Rahul Gandhi: महिला आरक्षण संशोधन बिल पर लोकसभा में आज (शुक्रवार, 17 अप्रैल को) लगातार दूसरे दिन भी चर्चा जारी है। आज शाम इस पर वोटिंग होनी है। इससे पहले सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपनी बात रखी और इस बिला का पुरजोर विरोध किया। उनके बाद भाजपा सांसद निशिकांत दूबे ने जब अपना बात रखनी शुरू की तो उन्होंने सबसे पहले राहुल गांधी पर तंज कसा और कहा कि वो कन्फ्यूज हैं कि उनसे पहले बोलने वाले जादूगर पीसी सरकार थे या मैइकल जैक्सन?
दुबे ने कहा, “पिछले दो दिन से इस संसद में लगातार बहस चल रही है। माताओं को अधिकार देने के लिए, बहनों को अधिकार देने के लिए, दलितों-पिछड़ो, वंचित समूहों की महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के लिए कल रात 1.30 बजे तक लोग यहां जमे रहे। आज मैं जब यहां आया तो मुझे लगा कि नेता प्रतिपक्ष से माताओं और बहनों के लिए कुछ सुनने को मिलेगा लेकिन उन्होंने जब भाषण शुरू किया और जब खत्म किया तो लगा कि मैंने पीसी सरकार का जादू शो देख लिया या माइकल जैक्सन का डांस शो देख लिया।”
आज 17 अप्रैल है, आज ही के दिन…
दुबे ने आगे कहा, "मैं कन्फ्यूज हूं सर कि वो पीसी सरकार थे या माइकल जैक्सन थे लेकिन फिर मुझे याद आया सर कि आज कौन सी तारीख है, आज 17 अप्रैल है। आज की तारीख में तीन बड़ी घटनाएं हुई थीं सर। 17 अप्रैल 1987 को पहली बार राजीव गांधी के ऊपर बोफोर्स तोप की खरीद में दलाली का आरोप लगा और उन्हें सरकार गंवानी पड़ी। 17 अप्रैल 1998 वो दिन था, कि जिस ओबीसी की ये बात कर रहे हैं, उसी ओबीसी समाज के सीताराम केसरी जी का धोती खोलकर सोनिया गांधी कांग्रेस का अध्यक्ष बन गई थीं। और 1999 में इसी दिन यानी 17 अप्रैल को क्रिश्चियन लॉबी का इस्तेमाल कर गिरधर गोमांगो को आगे कर अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार यहीं इसी सदन में गिराई गई थी।
देश काे चुनावी मानचित्र बदलने की कोशिश
इससे पहले हुल गांधी ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन से संबंधित विधेयक का महिला आरक्षण से कोई संबंध नहीं है, बल्कि यह देश के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है जो एक 'राष्ट्र विरोधी कृत्य' है। उन्होंने लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026', 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' पर चर्चा में भाग लेते हुए यह आरोप भी लगाया कि सरकार द्वारा जाति जनगणना को दबाने और अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) से उनका अधिकार छीनने का प्रयास किया जा रहा है।
पूरा विपक्ष बिल को विफल करने जा रहा
राहुल गांधी ने कहा, ''पूरा विपक्ष मिलकर सरकार के इस प्रयास को विफल करने जा रहा है।''नेता प्रतिपक्ष ने अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए एक शब्द का कई बार इस्तेमाल किया, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने आपत्ति जताई। बिरला ने इस शब्द को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया।
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लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


