मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, 3 लोगों की मौत; इसबार नागा और कुकी की लड़ाई
उखरुल जिला मुख्य रूप से तांगखुल नगा बहुल क्षेत्र है। फरवरी 2026 से यहां तांगखुल और कुकी समुदायों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। पिछले सप्ताह भी उखरुल में उग्रवादियों के हमले में दो तांगखुल व्यक्ति मारे गए थे।

मणिपुर के उखरुल जिले में शुक्रवार को एक बार फिर हिंसा भड़क उठी। दो अलग-अलग गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जिससे राज्य में तनाव और गहरा गया है। गौरतलब है कि मणिपुर पहले से ही मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष से जूझ रहा है। अब उखरुल में नगा और कुकी समुदायों के बीच हिंसा की खबर सामने आ रही है।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शुक्रवार तड़के उखरुल जिले के सीनाकेइथेई गांव के पास तांगखुल नगा और कुकी समुदाय के सशस्त्र समूहों के बीच भीषण गोलीबारी शुरू हुई। इस हिंसक झड़प ने जिले के शांतिपूर्ण माहौल को पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
सीनाकेइथेई में तांगखुल युवक की मौत
इस झड़प में 29 वर्षीय तांगखुल युवक होरशोकमी जमांग की मौत हो गई। वह कामजोंग जिले के चाट्रिक खुलेन गांव का निवासी था। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस गोलीबारी में तीन नागरिक भी घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
नगा संगठन तांगखुल नगा लॉन्ग (TNL) ने आरोप लगाया है कि सोओ (SoO - Suspension of Operation) के तहत आने वाले कुकी उग्रवादियों की गतिविधियों के कारण क्षेत्र में अशांति थी। संगठन का दावा है कि जब नगा विलेज गार्ड गश्त पर थे तब कुकी उग्रवादियों ने उन पर घात लगाकर हमला किया।
मुल्लम गांव में दो कुकी युवकों की मौत
पहली घटना के कुछ ही देर बाद पास के मुल्लम गांव में एक और गोलीबारी हुई। मुल्लम एक कुकी बहुल गांव है। इस झड़प में मारे गए दो लोगों की पहचान लेतलाल सितल्हो (जेम्स कुकी) और पाओमिनलुन हाओलाओ (हितलाल कुकी) के रूप में हुई है। ये दोनों कांगपोकपी जिले के रहने वाले थे।
मुल्लम ग्राम प्राधिकरण ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे तांगखुल उग्रवादियों ने उनके गांव पर हमला किया। कुकी ऑर्गेनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट ने इन हत्याओं की कड़ी निंदा की है और दावा किया है कि मुल्लम और सोंगफाल गांवों में घर भी जलाए गए हैं।
उखरुल जिला मुख्य रूप से तांगखुल नगा बहुल क्षेत्र है। फरवरी 2026 से यहां तांगखुल और कुकी समुदायों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। पिछले सप्ताह भी उखरुल में उग्रवादियों के हमले में दो तांगखुल व्यक्ति मारे गए थे। उसी दिन सीनाकेइथेई में भी गोलीबारी की घटना हुई थी।
क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। पुलिस और जिला प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन समुदायों के बीच गहराता अविश्वास शांति बहाली की राह में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।
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लेखक के बारे में
Himanshu Jhaबिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।
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हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।
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