उम्मीदें टूट गईं, नीट पेपर लीक पर भड़क गए तमिलनाडु सीएम थलपति विजय; एक अपील भी की

Madan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, चेन्नई
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विजय ने मांग की कि राज्यों को 12वीं बोर्ड के अंकों के आधार पर मेडिकल सीटें भरने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की वजह से लाखों उम्मीदवारों की उम्मीदें टूट गईं।

उम्मीदें टूट गईं, नीट पेपर लीक पर भड़क गए तमिलनाडु सीएम थलपति विजय; एक अपील भी की

तमिलनाडु विधानसभा में विश्वास मत जीतने के कुछ ही घंटों बाद मुख्यमंत्री और टीवीके अध्यक्ष थलपति सी जोसेफ विजय ने बुधवार शाम केंद्र की भाजपा सरकार से नीट परीक्षा खत्म करने की अपील की। पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द होने को लेकर चल रहे विवाद के बीच भड़के विजय ने मांग की कि राज्यों को 12वीं बोर्ड के अंकों के आधार पर मेडिकल सीटें भरने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की वजह से लाखों उम्मीदवारों की उम्मीदें टूट गईं।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नीट लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों, सरकारी स्कूलों, तमिल माध्यम और सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के छात्रों को भारी नुकसान हुआ है। इसी का हवाला देते हुए उन्होंने नीट को खत्म करने की राज्य की पुरानी मांग को फिर दोहराया। उन्होंने मांग की कि राज्यों को एमबीबीएस, बीडीएस और आयुष पाठ्यक्रमों की सभी राज्य कोटा सीटें कक्षा 12वीं के अंकों के आधार पर भरने की अनुमति दी जाए।

विजय ने बताया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने इस साल तीन मई को 5,432 केंद्रों पर नीट-यूजी परीक्षा आयोजित की थी। अकेले तमिलनाडु के 31 शहरों में यह परीक्षा हुई थी। देशभर से इसमें कुल 22,05,035 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें तमिलनाडु के लगभग 1.4 लाख छात्र थे। जांच एजेंसियों के पेपर लीक के आरोपों की जांच के बाद एनटीए ने केंद्र सरकार की मंजूरी से इस परीक्षा को रद्द कर दिया है। अब इस पूरे मामले की जांच का जिम्मा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि परीक्षा रद्द होने से देश भर के लाखों मेडिकल उम्मीदवारों की उम्मीदें टूट गई हैं। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब नीट की शुचिता से समझौता किया गया है। वर्ष 2024 में भी पेपर लीक हुआ था और छह राज्यों में प्राथमिकी दर्ज की गयी थीं, जिन्हें बाद में सीबीआई को सौंप दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद, केंद्र सरकार ने इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति बनायी थी, जिसने सुधार के लिए 95 बिंदुओ वाली विस्तृत सिफारिशें सौंपी थीं। इन सबके बावजूद दो साल के भीतर ही दोबारा पेपर लीक हो गया और परीक्षा रद्द करनी पड़ी।

'ढांचागत कमियों का ठोस प्रमाण'

मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि यह राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में खामियों और ढांचागत कमियों का ठोस प्रमाण है।उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार शुरुआत से ही लगातार और सर्वसम्मति से नीट का विरोध करती रही है। इसकी वजह यह है कि इस परीक्षा ने ग्रामीण क्षेत्रों, सरकारी विद्यालयों, तमिल माध्यम और सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के छात्रों को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने नीट को खत्म करने की लंबे समय से लंबित मांग को फिर से दोहराते हुए केंद्र से मांग की कि राज्यों को एमबीबीएस, बीडीएस और आयुष पाठ्यक्रमों की सभी राज्य कोटा सीटें 12वीं के अंकों के आधार पर भरने की अनुमति दी जाए।

Madan Tiwari

लेखक के बारे में

Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
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वर्तमान में मदन हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। कुल एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।

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