अहंकारी हैं विजय, व्हाट्सएप पर मांग रहे समर्थन; TVK पर भड़क उठी VCK
TVK के कुछ नेताओं ने कथित तौर पर दावा किया था कि VCK के कार्यकर्ता उनकी पार्टी के लिए स्लीपर सेल के रूप में काम कर रहे हैं। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सेल्वन ने कहा कि यह बेहद अनैतिक है।
तमिलनाडु में चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद सरकार बनाने को लेकर जारी उठापटक जारी है। विधानसभा चुनाव में विजय की TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर जरूर उभरी, लेकिन बहुमत का आंकड़ा अब भी दूर है। ऐसे में विजय को सरकार बनाने के लिए अब छोटे दलों से आस है। हालांकि उनकी राह मुश्किल होती दिख रही है। शुक्रवार को 'विदुथलाई चिरुथइगल काची' (VCK) ने TVK से नाराजगी जाहिर की है। VCK ने विजय के तरीके को गलत बताते हुए आरोप लगाया कि अभिनेता बड़े नेताओं से खुद मिलने के बजाय व्हाट्सएप मैसेज भेजकर समर्थन मांग रहे हैं।
VCK के महासचिव सिंथनई सेल्वन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा पोस्ट लिखकर TVK को आड़े हाथों लिया। सेल्वन ने लिखा, "बहुमत न होने की स्थिति में विजय को बेहद सावधानी से काम लेना चाहिए था। क्या उन्हें उन पार्टियों के नेताओं से व्यक्तिगत रूप से नहीं मिलना चाहिए था जिनसे वे समर्थन मांग रहे हैं?" उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, "व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर समर्थन मांगना और उसका रिप्लाई जवाब मांगना, ये राजनीति को समझने का कौन सा तरीका है?"
कांग्रेस से गठबंधन को लेकर भी बरसे
VCK नेता ने आगे कहा कि विजय को खुद सामने आकर ऐसे लोगों के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है जो राज्यपाल के जरिए बीजेपी को सत्ता में लाने की कोशिश कर रहे हैं। सेल्वन ने कांग्रेस से गठबंधन को लेकर भी विजय की पार्टी की आलोचना की। सेल्वन ने कहा, “एक तरफ आप DMK को 'राजशाही और वंशवाद' की राजनीति कहते हैं, लेकिन दूसरी तरफ उसी के सहयोगी दलों (जैसे कांग्रेस) से समर्थन मांगते समय आपको संकोच नहीं होता? यह कौन सा तर्क है?”
इससे पहले TVK के कुछ नेताओं ने कथित तौर पर दावा किया था कि VCK के कार्यकर्ता उनकी पार्टी के लिए 'स्लीपर सेल' के रूप में काम कर रहे हैं। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सेल्वन ने कहा, “क्या राजनीतिक नैतिकता है कि आप हमारे लोगों को स्लीपर सेल कह रहे हैं? कुछ नेता विजय की लोकप्रियता का इस्तेमाल DMK के खिलाफ व्यक्तिगत बदला लेने के लिए कर रहे हैं।”
बहुमत को लेकर फंसा पेंच
गौरतलब है कि 234 सीटो वाली तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है। विजय की पार्टी ने 108 सीटें जीती हैं, लेकिन विजय दो सीटों, पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट से चुनाव जीता है। ऐसे में एक सीट छोड़ने के बाद पार्टी की प्रभावी संख्या 107 रह जाएगी। कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के बाद यह आंकड़ा 112 तक पहुंचता है। अब बहुमत साबित करने के लिए विजय को और 6 विधायकों की जरूरत है और इसके लिए वह VCK और PMK जैसी पार्टियों से समर्थन मांग रहे हैं।
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लेखक के बारे में
Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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