करोड़ों कैश, पांच बंगले और 14 प्लॉट; ‘करप्शन किंग’ निकला ओडिशा का इंजीनियर

लाइव हिन्दुस्तान, भुवनेश्वर
Follow us on Google News
share

ओडिशा में जब इंजीनियर के खिलाफ विजिलेंस विभाग ने कार्रवाई शुरू की तो अफसरों की आंखें फटी की फटी रह गईं। जानिए कार्रवाई के दौरान कितना मिला कैश, बिल्डिंग और प्लॉट…

करोड़ों कैश, पांच बंगले और 14 प्लॉट; ‘करप्शन किंग’ निकला ओडिशा का इंजीनियर

ओडिशा में सतर्कता विभाग की कार्रवाई में एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है। यहां पर मात्र 6 हजार महीने की सैलरी पाने वाले इंजीनियर के पास से करोड़ों का कैश मिला है। इसके अलावा उसके पास प्रदेश में अलग-जगह जगों पर मकान और जमीन भी मिली हैं। यह इंजीनियर है बैकुंठनाथ बेहरा, जो कंधमाल जिले के बालीगुडा में एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसी (आईटीडीए) के सहायक कार्यकारी के रूप में तैनात है। उनकी कानूनी आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायतों के बाद यह तलाशी अभियान शुरू किया गया था।

नौ जगहों पर छापेमारी
भुवनेश्वर के विशेष सतर्कता न्यायाधीश की ओर से जारी तलाशी वारंट के आधार पर विजिलेंस की टीमों ने भुवनेश्वर, बारीपदा, जाजपुर जिले के धर्मशाला और बालीगुडा में कुल नौ स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस टीम में दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पांच उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी), छह निरीक्षक और अन्य सहायक कर्मचारी शामिल थे। कार्रवाई के दौरान सतर्कता अधिकारियों को भुवनेश्वर के चंद्रशेखरपुर स्थित नीलाद्रि विहार में एक चार मंजिला इमारत, शैलाश्री विहार में एक तीन मंजिला इमारत और पटिया में बैद्यनाथ मेमोरियल अस्पताल के पास कानन विहार फेज-I में एक दो मंजिला मकान का पता चला। अधिकारियों ने 13 जमीनों की पहचान की है, जिनमें भुवनेश्वर के प्रमुख स्थानों में सात प्लॉट और जाजपुर और बरईपाड़ा में हैं।

परिवार के लॉकरों से बरामदगी
जांच में महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब परिवार से जुड़े बैंक लॉकरों से करीब 2 करोड़ रुपए कैश बरामद किया गया। इससे पहले, घर की छानबीन के दौरान 2.66 लाख रुपए से अधिक नकद जब्त हुआ था। सोने के आभूषणों, बैंक जमा, डाक बचत, निवेश और अन्य वित्तीय संपत्तियों का मूल्यांकन फिलहाल हो रहा है। तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा संपत्तियों और भूमि संपत्तियों के बाजार मूल्य का भी आकलन किया जा रहा है।

कई बिल्डिंगें और प्लॉट
भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी ने चंद्रशेखरपुर में एक और दो मंजिला इमारत तथा जाजपुर जिले के धर्मशाला क्षेत्र के पाना में पैतृक भूमि पर बने एक दो मंजिला मकान को भी ढूंढ़ निकाला है। फिलहाल बारीपदा और पांडुआ में बेहरा के रिश्तेदारों के आवासों के साथ-साथ बालीगुडा में उनके ऑफिस और सरकारी आवास पर तलाशी जारी है। विजिलेंस अधिकारियों ने कहाकि संपत्तियों का मूल्यांकन और सत्यापन किया जा रहा है और तलाशी पूरी होने के बाद विस्तृत विवरण सामने आए।

1999 में शुरू की नौकरी
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, बैकुंठनाथ बेहरा ने 1999 में जूनियर इंजीनियर के रूप में सरकारी नौकरी शुरू की थी। उस वक्त उसकी सैलरी, करीब 6,000 रुपए महीना थी। इस दौरान, उसने विभिन्न आदिवासी विकास एजेंसियों और इंजीनियरिंग कार्यों में सर्विस की। इस साल की शुरुआत में बेहरा को सहायक कार्यकारी इंजीनियर के रूप में प्रमोट किया गया था।

इस खबर पर आपकी क्या राय है?

Deepak Mishra

लेखक के बारे में

Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

और पढ़ें