उफनता समंदर और नाव के नीचे फंसे भारतीय; वियतनाम हादसे की भयावह दास्तान
वियतनाम में हुए नाव हादसे में 15 भारतीयों की मौत हो गई है। पीएम मोदी ने इस हादसे पर दुख जाहिर किया है। वियतनाम के खूबसूरत समंदर के किनारे छुट्टियां मनाने के लिए गए इन नागरिकों की जानकारी भी सामने आई है।

Vietnam boat tragedy: वियतनाम में हुए नाव हादसे में 15 भारतीय नागरिकों की दर्दनाक मौत हो गई है। वियतनाम के प्रसिद्ध फु क्वोक द्वीप के पास हुए इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय दूतावास लोगों की मदद कर रहा है और उन्हें जरूरत के अनुसार साधन मुहैया करवा रहा है। वियतनाम में छुट्टियां मनाने के लिए गए इन पर्यटकों को खूबसूरत समंदर ने ही अपने आगोश में समा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्पीडबोट एकदम से पलट गई, जिसकी वजह से उसमें बैठे सभी लोग पानी में गिर गए। कई स्पीडबोट के ही नीचे फंसे रह गए, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई।
वियतनाम के समाचार पत्र वीएनई एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटनाक्रम दोपहर के वक्त हुआ। स्पीडबोट भारतीय पर्यटकों रूट द्वीप से थोई बंदरगाह की तरफ लेकर जा रही थी। इसी दौरान वह होन में रट नागोई से लगभग 400 मीटर दूर पलट गई।
उफनते समंदर में पलट गई नाव
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बोट में सवार सभी लोग पानी में गिर गए और मदद के लिए चिल्लाने लगे। इनमें से कुछ लोग नाव के नीचे ही फंसे रह गए। इसकी वजह से उन्हें बचाने में ज्यादा परेशानी हुई। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय सुरक्षा दल वहां पर पहुंचने लगा। लेकिन लहरों की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि बचाव अभियान चलाने में भी परेशानी आ रही थी। हालांकि, इसके बाद भी बचाव दल ने हिम्मत दिखाते हुए लोगों को बचाने का क्रम जारी रखा, जिसकी बदौलत करीब 17 लोगों को जिंदा बचा लिया गया। हालांकि, 15 लोगों की इस घटना में मौत हो गई है।
वियतनाम नाव हादसे में मारे गए भारतीयों के नाम--
वियतनाम अधिकारियों के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलते ही अतिरिक्त 35 जवानों को वहां भेज दिया गया। इससे बचाव अभियान में तेजी आई। कुछ ही घंटों में सभी 32 पर्यटकों का पता लगा लिया गया। इनमें से 17 लोगों की जान बचा ली गई थी, लेकिन 15 लोग की मौत हो चुकी थी।
अधिकारियों ने बताया कि इस घटना की जांच की जा रही है कि आखिर यह हादसा कैसे हुआ। हालांकि, स्पीडबोट चलाने वाले की बात करते हुए वियतनाम अधिकारियों ने बताया कि ड्राइवर की उम्र करीब 50 वर्ष के लगभग है। वह रोजाना कई बार स्पीडबोट को इस तरफ से उस तरफ लेकर जाता है। ऐसे में हम जांच कर रहे हैं कि आखिर आज ऐसा क्या हुआ, जो यह हादसा हुआ। वियतनाम के राष्ट्रपति ने भी इस घटना की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
इस दुर्घटना में घायल हुए एक व्यक्ति ने स्थानीय मीडिया से बात करते हुए कहा कि समंदर में वह आराम से जा रहे थे। उसी वक्त एक तेज लहर आकर उनकी बोट से टकरा गई। इसके बाद संतुलन बिगड़ा और वह पलट गई, जिसकी वजह से तुरंत ही सभी लोग पानी में गिर गए। इनमें से कई लोग नाव के नीचे ही फंसे रह गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के वक्त आसपास नावें मौजूद थीं। वह सबसे पहले लोगों को बचाने के लिए आगे बढ़े।
खूबसूरत द्वीप के बीच हादसे का शिकार हुए भारतीय
वियतनाम के जिस द्वीप के करीब यह हादसा हुआ है। वह दुनियाभर में अपने साफ पानी और बेहतरीन सफेद रेतीले समुद्री तटों के लिए प्रसिद्ध है। 'मे रूट द्वीप' में वियतनाम का सबसे लोकप्रिय आइलैंड हॉपिंग (द्वीपों की सैर) टूरिस्ट प्लेस है। यह एन थोई द्वीप से करीब 10 किलोमीटर दूर है। यहां पर लोग ज्यादातर साफ समुद्री पानी, रेतीले साफ बीच और रंग-बिरंगी कोरल चट्टानों को देखने के लिए आते हैं। इसके अलावा यहां पर डाइविंग, डे क्रूज भी लोगों को आकर्षित करता है।
भारतीय दूतावास ने बनाया कंट्रोल रूम
हादसे की जानकारी सामने आने के बाद भारतीय दूतावास तुरंत हरकत में आ गया। दूतावास की तरफ से बताया गया कि वह लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं। और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए भी विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए जा चुके हैं। दूतावास ने इस हादसे में मारे गए लोगों के नाम भी जारी कर दिए हैं। दूतावास ने कहा कि हम सभी मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति अपनी शोक संवेदना प्रकट करते हैं।
पीएम मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर शोक जताया उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, “इस दुखद घटना से मैं अत्यंत दुखी हूं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। घायल और जीवित बचे लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।” पीएम मोदी के अलावा राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने भी इस घटना को लेकर दुख जताया है।
लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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