27 साल से भयंकर भूकंप की वॉर्निंग दे रहा था इंजीनियर, वेनेजुएला में पहले ही मिले थे तबाही के संकेत
वेनेजुएला में आए भूकंप को लेकर 27 साल पहले से ही एक इंजीनियर वॉर्निंग दे रहे थे। वह विज्ञान विभाग में काम करते थे। इसके बाद भी उनकी वॉर्निंग पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया। वेनेजुएला के भूकंप में 4 हजार से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

वेनेजुएला में 24 जून को आए भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इसमें कम से कम 4 हजार लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। वहीं 30 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। वेनेजुएला के विज्ञान मंत्रालय में काम करने वाले एक इंजनियर ने 1999 से ही भयंकर भूकंप की चेतावनी देनी शुरू कर दी थी। उन्होंने कई बार वॉर्निंग दी लेकिन इसपर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया। दरअसल 1999 में ला गुएरा में मडस्लाइड हुआ था जिसमें 10 हजार के करीब लोग मारे गए थे। इसके बाद इस जगह के पुनर्निर्माण का काम का काम शुरू किया गया।
भूकंप के मिले थे संकेत
इंजीनियर जेंटेशन ने बताया था कि नरम जलोढ़ मिट्टी का मिलना और सैन सेबस्टियन फाल्ट से करीबी होने की वजह से इमारतों में दरार आ रही है। उन्होंने कहा था कि यहां किसी दिन बहुत बड़ा भूकंप आने की संभावना है। लगभग दो दशक में उन्होंने 10 बार वॉर्निंग दी। बता दें कि 1999 में मड स्लाइड के बाद यहां का पुनर्निर्माण का कार्य शुरू हुआ था जो कि कभी पूरा नहीं हो पाया। जेंटेशन ने सरकारी नौकरी से इसलिए इस्तीफा दे दिया था क्योंकि उनका कहना था कि सरकार ऐसी जगह पर निर्माण करवाना चाहती है जहां भूकंप का खतरा है और यह जमीन स्थायी नहीं है।
अब भी जारी है शवों की तलाश
इस विनाशकारी आपदा में मारे गये लोगों की पहचान करने की कोशिशें तेज हो गई हैं ताकि बहुत देर होने से पहले परिजन अपने प्रियजनों की पहचान कर सकें। रोसा लोपेज के 25 वर्षीय दामाद जोसे एंटोनियो टोलेडो उस इमारत के मलबे के नीचे मिले, जहां वे भूकंप आने के समय सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहे थे।
बचाव दल उनके शव को एक स्थानीय अस्पताल ले गया, लेकिन वहां जगह नहीं होने के कारण कर्मचारियों ने शव को रखने से मना कर दिया। इसके बाद शव को दूसरी जगह ले जाया गया और अंततः उसे एक खुले पार्किंग स्थल में रख दिया गया। एक फॉरेंसिक चिकित्सक की मदद से परिवार ने कई दिनों बाद शव को शनिवार को ढूंढ़ निकाला।
शव की पहचान होने के बाद भी वे समझ नहीं पा रहे थे कि क्या करें, क्योंकि वे अंतिम संस्कार गृह द्वारा मांगे जा रहे 450 अमेरिकी डॉलर का खर्च वहन नहीं कर सकते थे। शनिवार को लगभग आधी रात के समय रोसा को सूचना मिली कि महापौर कार्यालय स्थानीय कब्रिस्तान में उन्हें मुफ्त में जगह उपलब्ध करा रहा है लेकिन वह स्थान न छूटे इसके लिए उन्हें जल्दी पहुंचना था।
एक घंटे बाद रोसा लोपेज और उनकी बेटी कब्रिस्तान की ओर जाने वाली पहाड़ी पर चढ़ते हुए वहां पहुंचीं और टोलेडो को दफना दिया। रोसा लोपेज ने कहा, "वह (टोलेडो) एक अच्छे इंसान थे, ऐसे युवक जिन्हें लोगों की मदद करना पसंद था।"
मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी होने की आशंका है। फॉरेंसिक तकनीशियन जोएल मिराबाल 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप आने के बाद से लगातार सात दिन से काम कर रहे हैं। मिराबाल (45) का अनुमान है कि लगभग 60 से 70 प्रतिशत मामलों में जब वह किसी शव को लेने पहुंचते हैं, तो उसकी पहचान करने के लिए कोई रिश्तेदार या पड़ोसी मौजूद होता है।
उन्होंने बताया कि इसके बावजूद पहचान करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है और कई लोग टैटू, शरीर पर मौजूद निशानों या परिचित कपड़ों के आधार पर पहचान कर रहे हैं। मिराबाल ने मृतकों के बारे में बताया, "हादसे मे मारे गये लोग वास्तविक जीवन में जैसे दिखते थे, अब उनका स्वरूप उसका 10 प्रतिशत भी नहीं रह गया है।"
लेखक के बारे में
Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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