पिनराई विजयन के घर पहुंचे केरल के सीएम बनने जा रहे सतीशन, किस बात के हो गए मुरीद
कांग्रेस की ओर से केरल के नए मुख्यमंत्री तय किए गए वीडी सतीशन ने पिनराई विजयन से उनके घर जाकर मुलाकात की है। पिनराई विजयन वही नेता हैं, जिनके खिलाफ वीडी सतीशन ने पूरे 5 साल जमकर आंदोलन किए और विरोध दर्ज कराया। लेकिन अब जब सरकार की बागडोर संभालने जा रहे हैं तो विजयन से मिलने उनके घर पहुंच गए।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने और कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी ममता बनर्जी ने इस्तीफा नहीं दिया था। टीएमसी और भाजपा के बीच ऐसी अदावत है कि ममता बनर्जी फिलहाल नई सरकार के खिलाफ अदालतों में जा रही हैं। इस बीच केरल से लोकतंत्र एक सुखद और सुंदर तस्वीर सामने आई है। कांग्रेस की ओर से केरल के नए मुख्यमंत्री तय किए गए वीडी सतीशन ने पिनराई विजयन से उनके घर जाकर मुलाकात की है। पिनराई विजयन वही नेता हैं, जिनके खिलाफ वीडी सतीशन ने पूरे 5 साल जमकर आंदोलन किए और विरोध दर्ज कराया। लेकिन अब जब सरकार की बागडोर संभालने जा रहे हैं तो विजयन से मिलने उनके घर पहुंच गए।
वीडी सतीशन घर पहुंचे तो पिनराई विजयन ने भी आवभगत में कसर नहीं छोड़ी। वह अपने परिवार के साथ दरवाजे पर इंतजार करते दिखे और फिर हाथ पकड़कर अंदर ले गए। दोनों नेताओं ने इसके बाद चाय पर ही चर्चा की। पिनराई विजयन ने जब इस दौरान अपने लिए ग्रीन टी ही मंगाई तो सतीशन ने इसकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि आपकी अनुशासित जीवन शैली प्रेरित करने वाली है। पिनराई विजयन ने चुनाव हारते ही सरकारी आवास खाली कर दिया था और फिलहाल वह किराये के एक घर में रह रहे हैं। बता दें कि सतीशन 2021 से 2026 तक नेता विपक्ष थे, जब पिनराई विजनय राज्य के मुख्यमंत्री थे।
अब दोनों नेताओं की भूमिका ठीक उलट हो गई है। वीडी सतीशन को कांग्रेस ने सीएम बनाने का फैसला लिया है, जबकि पिनराई विजयन को सीपीएम ने नेता विपक्ष चुना है। हालांकि कुछ लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि आखिर 80 साल के लीडर को ही नेता विपक्ष क्यों चुना जा रहा है। पिनराई विजयन का केरल की सीपीएम इकाई पर बड़ा प्रभाव है। उन्होंने हार की जिम्मेदारी ली है। फिर भी उनके कई समर्थक नेताओं का कहना है कि यदि नतीजे पक्ष में नहीं आए हैं तो यह सभी की जिम्मेदारी है। किसी एक नेता को ही इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
दिवंगत गुरु के घर भी गए सतीशन, भावुक नजर आए
बता दें कि पिनराई विजयन से मुलाकात से पहले सतीशन ने कांग्रेस नेता पीजे जोसेफ से भी मीटिंग की। इसके अलावा कई और नेताओं से भी एमएलए हॉस्टल में मिले। इसके बाद वह दिवंगत पूर्व स्पीकर जी. कार्तिकेयन के घर भी पहुंचे। कार्तिकेयन को सतीशन का राजनीतिक गुरु माना जाता है। 2001 में जब पहली बार सतीशन विधायक बने थे तो कार्तिकेयन का उसमें अहम रोल था। एक वीडियो आया है, जिसमें कार्तिकेयन के परिवार से बातचीत के दौरान सतीशन भावुक नजर आते हैं। कार्तिकेयन की पत्नी ने कहा कि वह सतीशन को अपने बड़े बेटे की तरह मानते थे।
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