बच्चे ना होने पर इलाज कराने पहुंचा शख्स तो पेट में निकल आया गर्भाशय, डॉक्टर भी रह गए हैरान
दिल्ली में एक 24 साल का शख्स अपना इलाज कराने डॉक्टर के पास गया तो पता चला कि उसके पेट में गर्भाशय है। डॉक्टरों ने बताया कि यह बेहद दुर्लभ केस है। दुनियाभर में ऐसे 300 ही मामले सामने आए हैं।

दिल्ली में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 24 साल का शख्स अपना नपुंसकता का इलाज करवाने डॉक्टर के पास गया था। डॉक्टर ने जांच की तो पता चला कि उसके अंदर एकदम महिलाओं की तरह गर्भाशय मौजूद है। पहले से इसका अंदेशा ना तो लड़के को था और ना ही डॉक्टरों को। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक उसकी शादी हो चुकी थी लेकिन बच्चे नहीं हो रहे थे। इसके बाद जांच में पता चला कि उसके पेट में यूट्स और फैलोपियन ट्यूब है। दूसरी हैरान करने वाली बात यह है कि उसके क्रोमोसोम्स XY ही थे जैसे की पुरुषों में होते हैं। जेनेटिक रूप से वह पुरुष है।
डॉक्टरों ने बताया कि यह उसके अंदर जन्म से ही था। जांच के दौरान वीर्य में शुक्राणुओं की अनुपस्थिति पाई गई। उसके दोनों अंडकोष भी सामान्य स्थान पर नहीं थे। इसे परसिस्टेंट मुलेरियन डक्ट सिंड्रोम (PMDS) कहते हैं। यह बेहद दुर्लभ स्थिति है और अब तक दुनियाभर में ऐसे 300 केस ही मिले हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अकसर इसके बारे में लोगों को बचपन में ही पता चल जाता है।
खतरे की भी संभावना
डॉक्टरों ने बताया कि एमआरआई और आनुवंशिक जांच समेत आगे की जांच में पेल्विक हिस्से में गर्भाशय जैसी संरचना और नलिकानुमा संरचनाएं मिलीं। निजी अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि मरीज की उम्र, लंबे समय से अंडकोष के सामान्य स्थान पर न होने, अंडकोष को गंभीर क्षति और अंडकोष के कैंसर के बढ़े हुए खतरे को देखते हुए टीम ने लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के जरिए असामान्य म्यूलरियन संरचनाओं और दोनों अंडकोषों को निकाल दिया।
कैसे लड़कों में बन जाता है गर्भाशय
बता दें कि मां के पेट में जब बच्चा बनता है तो दो नलिकाएं होती हैं। इनमें से ही मुलेरियन डक्ट लड़कियों में गर्भाशय बन जाती हैं और वोलफियन डक्ट लड़कों के प्रजनन अंग में बदल जाती हैं। लड़कों में एक खास हार्मोन बनता है जो कि मुलेरियन डक्ट्स को गायब कर देता है। वहीं लड़कियों में ऐसा हार्मन नहीं होता है।ऐसे में महिला का गर्भाशय बनता है। वहीं जब किसी लड़के में यह खास हार्मोन एएमएच नहीं बन पाता या फिर ठीक सेकाम नहीं करता तो मुलेरियन डक्ट गायब नहीं होती हैं और पेट में गर्भाशय जैसी संरचना बन जाती है।
इसकी जानकारी बचपन में भी हो जाती है। ऐसे लोगों में बांझपन की समस्या रहती है। कई बार संकोच की वजह से इसकी जांच नहीं हो पाती। ऐसी समस्या होने पर अंडकोश नहीं उतरते हैं। हालांकि लोग इस समस्या को छिपा ले जाते हैं। इससे और कोई परेशानी नहीं आती लेकिन बाद में स्पर्म नहीं निकलते। वहीं इससे जानलेवा खतरा भी रहता है। कई बार लोगों को इससे पेशाब की समस्या भी हो जाती है। ऐसे में डॉक्टर सलाह देते हैं कि अगर बच्चों के अंडकोश नीचे नहीं उतरते तो उन्हें तुरंत जानकार डॉक्टर से मिलना चाहिए।


