कोलकाता पहुंचे मार्को रुबियो, आज PM मोदी से भी मुलाकात; भारत-अमेरिका की दूर होगी तल्खी?

Himanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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Marco Rubio: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपने पहले आधिकारिक भारत दौरे पर शनिवार को कोलकाता पहुंचे। भारत में अमेरिका के नवनियुक्त राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर इस उच्च स्तरीय यात्रा की जानकारी दी है।

Marco Rubio in India Visit: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपने पहले आधिकारिक भारत दौरे पर शनिवार की सुबह-सुबह कोलकाता पहुंचे। भारत में अमेरिका के नवनियुक्त राजदूत सर्जियो गोर ने इस उच्च स्तरीय यात्रा की जानकारी दी है। रूबियो की भारत यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस यात्रा से पिछले एक साल के दोनों देशों के रिश्तों में आई तल्खी दूर होने की उम्मीद है। साथ ही हिंद प्रशांत क्षेत्र की रणनीति के लिहाज से भी यह यात्रा अहम है क्योंकि इस दौरान क्वाड विदेश मंत्रियों की बहुप्रतीक्षित बैठक भी होगी। इससे क्वाड के भविष्य को लेकर चल रहा अटकलों का दौर भी खत्म हो जाएगा।

सर्जियो गोर ने एक्स पर लिखा, “विदेश मंत्री मार्को रुबियो कोलकाता पहुंच चुके हैं। यह उनकी पहली भारत यात्रा है। आज (शनिवार) हम नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। अगले कुछ दिनों में व्यापार, तकनीक, रक्षा, क्वाड और कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए बहुत कुछ है!”

कूटनीति के जानकारों का मानना है कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में भारत-अमेरिका संबंधों के खराब होने का जो दौर शुरू हुआ है, वह ट्रंप के शासन में भी थमा नहीं। ट्रंप के सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे पहले राष्ट्राध्यक्ष थे जिन्हें अमेरिका आने का निमंत्रण मिला और पिछले साल फरवरी में मोदी ने अमेरिका यात्रा की। इससे लगा कि रिश्तों में सुधार की शुरुआत हो रही है। लेकिन यह धारणा ज्यादा समय तक टिकी नहीं। उसके बाद से कई ऐसी घटनाएं हुई जिससे तल्खी बढ़ी।

टैरिफ से तल्खी बढ़ी

दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा युद्ध रुकवाने का श्रेय लेने पर भारत को घरेलू राजनीति मोर्चे पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दूसरे, भारत में आतंक को प्रोत्साहित करने के आरोपी पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर को ट्रंप द्वारा अनावश्यक रूप से सम्मान दिए जाने से भी भारत असहज हुआ। इसके बाद भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ ने तल्खी और बढ़ा दी थी।

इस सबके बीच क्वाड के निष्क्रिय होने की अटकलें भी चली। दरअसल, भारत के पास क्वाड की अध्यक्षता थी और 2025 में ही क्वाड शिखर सम्मेलन भारत में होने था लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप की दिलचस्पी नहीं दिखाने के कारण बैठक नहीं हुई। विदेश मंत्रियों की बैठक भी देरी से हो रही है। इससे भारत को भी यह महसूस हो रहा था कि हिंद प्रशांत में चीन की आक्रामकता के खिलाफ अमेरिकी रणनीति बदल रही है। लेकिन बैठक के तय होने से माना जा रहा है कि ऐसा नहीं है।

दोनों के बीच आतंक समेत कई मुद्दों पर होगी बात

सूत्रों का कहना है कि भारत इस बैठक को तेल खरीद तक ही सीमित रखने के पक्ष में नहीं है। क्वाड बैठक की सक्रियता, सीमापार आतंक पर अमेरिका से सहयोग, रक्षा सामग्री जीई इंजन आदि की जल्द आपूर्ति तथा लाभकारी व्यापार समझौते को भी जल्द अंतिम रूप देने के लिए कहेगा।

पिछली बातों को भूलकर नई शुरुआत होगी

सूत्रों को कहना है कि रूबियो की यात्रा से पिछली बातों को भूलकर एक नई शुरूआत होगी। भारत रवाना होने से पहले रूबियो ने कहा वे भारत की सभी ऊर्जा जरूरतें पूरी करने को तैयार हैं। उनका ईशारा कच्चे तेल की तरफ था। उन्होंने यहां तक कहा कि जितना तेल भारत चाहेगा, उतना अमेरिका देगा। यदि इस पर बात बनी तो आने वाले दिनों में वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति भी भारत आ सकती हैं। वेनेजुएला का तेल ही अमेरिका भारत को देगा। हालांकि विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है तेल खरीद इस बात पर निर्भर करेगी कि वह किस दाम पर मिलती है। यदि रूस की भांति कम कीमत पर तेल उपलब्ध होता है तो यह भारत के हित में होगा।

(मदन जैड़ा की रिपोर्ट के साथ)

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लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

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