US में दोस्त शतक के करीब, PM मोदी अभी भी चुप; ट्रंप के भारत-पाक दावे को लेकर कांग्रेस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाने का दावा किया है। उनके इस दावे को लेकर कांग्रेस पार्टी ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इनका दोस्त अपने दावों के शतक के करीब है, लेकिन यह अभी भी चुप हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार अपनी बयान बाजी के चलते भारत सरकार की मुसीबत बढ़ाते नजर आ रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर से दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच जंग रुकवाई थी। ट्रंप के इस दावे के सामने आने के बाद कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर से प्रधानमंत्री के ऊपर निशाना साधा है। कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि वह बृहस्पतिवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए 97 मिनट तक बोले लेकिन उन्होंने ''अपने मित्र डोनाल्ड ट्रंप'' के इस दावे पर चुप्पी साधे रखी कि भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष उनके हस्तक्षेप से रुका था।
अमेरिका के राष्ट्रपति ने कई बार यह दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव को समाप्त कराया। ट्रंप ने पहली बार पिछले साल 10 मई को सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि अमेरिका की मध्यस्थता में हुई बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान सैन्य टकराव को ''पूर्ण रूप से और तत्काल'' रोकने पर सहमत हुए। हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) के संपर्क करने के बाद सैन्य टकराव रोकने पर विचार किया गया था। लेकिन ट्रंप नहीं रुके, वह लगातार यह दावा करते रहे कि उन्होंने ही यह सीजफायर करवाया है।
अब एक बार फिर से ट्रंप की तरफ से यह दावा किए जाने पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, "धानमंत्री ने कल शाम राज्यसभा में एक बार फिर यह दिखा दिया कि उनके भीतर असुरक्षाओं का कितना बड़ा पुलिंदा है, वह किस तरह लगातार झूठ फैलाते हैं, उनके पास पूर्वाग्रहों का कितना बड़ा भंडार है और उनके भीतर कितनी कड़वाहट, विष एवं जहर भरा हुआ है। एक बात बिल्कुल साफ है कि वह चाहे खुद को कितना ही महान आदमी घोषित करते रहें, जितना ज़्यादा वह ऐसा करेंगे, उतना ही स्पष्ट होता जाएगा कि वह न तो अच्छे आदमी हैं और न कभी हो सकते हैं।''
उन्होंने कहा, ''उनके 97 मिनट के भाषण को दयनीय कहना भी एक बहुत हल्का आकलन होगा। वह अपनी ही निजी नफरतों के कैदी हैं। उन्होंने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष द्वारा उठाए गए किसी भी गंभीर सवाल का जवाब नहीं दिया।''
रमेश ने कटाक्ष करते हुए कहा, ''इस बीच, वाशिंगटन डीसी में बैठे उनके अच्छे मित्र (ट्रंप) लगातार यह कहते जा रहे हैं कि उन्होंने 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर को रुकवाने में हस्तक्षेप किया था और यह दावा अब तेजी से शतक के करीब पहुंच रहा है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर पूरी तरह मौन साधे हुए हैं- ठीक उसी तरह जैसे उन्होंने 19 जून 2020 को पूर्वी लद्दाख में 20 से अधिक जवानों की शहादत के बाद चीन को दी गई अपनी कुख्यात 'क्लीन' चिट पर चुप्पी साध ली थी।''
आपको बता दें, कांग्रेस पार्टी लगातार केंद्र सरकार पर चुप्पी साधने का आरोप लगाती रही है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही लगातार डोनाल्ड ट्रंप यह दावा करते रहे हैं कि उन्होंने ट्रेड और टैरिफ की धमकी देकर यह युद्ध खत्म करवाया था। हालांकि संसद में खड़े होकर पीएम मोदी ने यह साफ कर दिया था कि यह युद्ध दोनों देशों की आपसी बातचीत के जरिए ही खत्म हुआ था, इसमें किसी तीसरे देश की भूमिका नहीं थी। लेकिन इसके बाद भी ट्रंप की बयानबाजी कम नहीं हुई और वह लगातार ऐसे दावे करते रहे। शिमला समझौते के बाद से ही कश्मीर मुद्दे पर वैश्विक मध्यस्थता की चाहत रखने वाले पाकिस्तान ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लिया और ट्रंप की तारीफ करनी शुरू कर दी। इतना ही नहीं पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रंप को नोबेल के लिए नामित भी कर दिया।
लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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