भारत के खिलाफ US-चीन की साजिश? नेपाल के पास पकड़े गए अमेरिकी के पास मिला चीनी पासपोर्ट
US citizen Jordan Brown: नेपाल बॉर्डर के पास सुरक्षाबलों के हत्थे चढ़े अमेरिकी नागरिक के पास चीनी पासपोर्ट मिला है। अधिकारी फिलहाल इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर एक अमेरिकी के पास फर्जी चीनी पासपोर्ट कहां से आया।

नेपाल बॉर्डर के पास पकड़े गए अमेरिकी नागरिक को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक आरोपी जॉर्डन ब्राउन कैलिफोर्निया का रहने वाला है, लेकिन यहां वह अवैध रूप से नेपाल में घुसने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान महाराजगंज जिले से सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने उसे पकड़ लिया। जांच के दौरान ब्राउन के पास चीनी पासपोर्ट, एआई डिवाइस समेत अन्य कागजात, नेपाली रुपया, धार्मिक किताबें, मोबाइल फोन एवं अन्य निजी चीजें मिली हैं। हालांकि, अभी तक ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे देश विरोधी गतिविधि की जानकारी मिले।
अधिकारियों ने बताया कि सभी एजेंसियां मिलकर उसकी जांच कर रही है। इसमें ब्राउन भारत कैसे पहुंचा और वह कहां-कहां रुका इसकी जांच भी की जाएगी। इसके अलावा वह नेपाल क्यों जाना चाह रहा था? इसको लेकर भी जानकारी जुटाई जाएगी। इसके अलावा उसके पास से मिले सामान की भी जांच की जी रही है।
श्रीलंका के बाद भारत आया था, पूछताछ के दौरान बोला ब्राउन
अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में ब्राउन बताया कि वह पिछले साल नवंबर में समुद्र के रास्ते भारत में घुसा था। इससे पहले वह थाईलैंड की यात्रा पर गया था। यहां पर उसका पासपोर्ट खो गया था। थाईलैंड के बाद वह श्रीलंका की यात्रा पर गया। यहां पर कुछ दिन पहने के बाद वह नवंबर में भारत आया और फिर तब से गोवा में रह रहा था। गोवा में करीब 6 महीने गुजारने के बाद वह नेपाल जाने वाला था लेकिन तभी उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
चीनी पासपोर्ट का नहीं खुला राज
स्थानीय पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है कि ब्राउन के पास चीनी पासपोर्ट कैसे पहुंचा। उसके पास गिरफ्तारी के दौरान भी कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। इसके चलते भारत में बिना किसी वैध दस्तावेज के एंट्री लेने के लिए उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच कर रही है कि आखिर कैसे एक अमेरिकी नागरिक बिना किसी दस्तावेज के भारत में दाखिल हो गया।
बता दें, यह घटनाक्रम इसलिए और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। क्योंकि कुछ महीने पहले ही उत्तर-पूर्वी राज्य में सीआईए का जासूस मैथ्यू वैन डाइक को गिरफ्तार किया गया था। वह इस क्षेत्र में मौजूद उग्रवादियों को आधुनिक हथियारों की ट्रैनिंग दे रहा था। फिलहाल वह तिहाड़ जेल में बंद है। भारत की उत्तर-पूर्वी हिस्सा पिछले काफी समय से हिंसा के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में किसी विदेशी जासूस की वहां उपस्थिति राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रश्न चिन्ह लगाती है।
लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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