होर्मुज से बुरी खबर! लापता तीनों भारतीय नाविकों की मौत, अमेरिका ने पार की हदें

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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ओमान की खाड़ी में मर्चेंट शिप 'एमटी सेटेबेलो' पर हुए अमेरिकी हमले में तीनों भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। भारत ने अमेरिकी राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

होर्मुज से बुरी खबर! लापता तीनों भारतीय नाविकों की मौत, अमेरिका ने पार की हदें

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बुरी खबर सामने आई है। ओमान तट के पास एक जहाज पर हुए अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की दुखद मृत्यु हो गई है। 'सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया' ने समुद्री कंपनियों के हवाले से इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना और हताहतों की पुष्टि की है। हमले का शिकार हुए कॉमर्शियल शिप 'सेटेबेलो' पर मौजूद चालक दल के 24 भारतीय सदस्यों में से तीन लापता थे। खाड़ी क्षेत्र में लगातार गहराते विवाद के बीच इस घटना ने वहां काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता पैदा कर दी है। भारत ने इस मामले में अमेरिकी राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया, "पलाऊ के झंडे वाले जहाज MT सेटेबेलो पर हुई दुखद घटना के बारे में जानकर बहुत अफसोस हुआ। दुख की बात है कि शुरू में लापता बताए गए तीन भारतीय नाविकों में से दो के शव मिलने के बाद तीनों की मौत की पुष्टि हो गई है... मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बचाए गए क्रू सदस्यों को तुरंत वापस लाया जाए और मृतकों के शवों को भी जल्द से जल्द वापस लाया जाए ताकि उनका अंतिम संस्कार किया जा सके।"

कौन हैं मारे गए भारतीय नाविक?

हिमाचल प्रदेश के रहने वाले 23 वर्षीय आदित्य शर्मा इस हमले में अपनी जान गंवा बैठे। हमले में जान गंवाने वाले दूसरे भारतीय नाविक शिवानंद चौरसिया हैं। वहीं तीसरे भारतीय आंध्र प्रदेश के रहने वाले पटनाला सुरेश हैं।

जहाज पर सवार थे 24 भारतीय, 21 का किया गया रेस्क्यू

विदेश मंत्रालय (MEA) और 'फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया' (FSUI) के मुताबिक, जिस जहाज को निशाना बनाया गया उसका नाम 'एमटी सेटेबेलो' है और यह पलाऊ के झंडे वाला जहाज था। घटना के वक्त जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। ओमान के अधिकारियों के साथ मिलकर चलाए जा रहे सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक 21 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

एक खास बात यह भी सामने आई है कि पहले निशाना बनाए गए एक अन्य जहाज के उलट 'एमटी सेटेबेलो' जहाज अमेरिकी प्रतिबंधों की ब्लैकलिस्ट में शामिल नहीं था। कॉमर्शियल शिप 'सेटेबेलो' पर यह हमला तब हुआ, जब इसके दो दिन पहले ही पलाओ के झंडे वाले एक जहाज पर अमेरिकी नौसेना ने हमला किया था। यह जहाज ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी से बचने की कोशिश कर रहा था।

किन राज्यों के रहने वाले थे प्रभावित नाविक?

FSUI के महासचिव मनोज यादव ने बताया कि जहाज से संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है, जिससे घटना की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने बताया कि इस हमले का शिकार हुए तीनों क्रू मेंबर भारत के अलग-अलग राज्यों से हैं। ये नाविक हिमाचल प्रदेश, देवरिया (उत्तर प्रदेश) और आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं।

भारत ने जताया विरोध

भारत ने बुधवार को अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को तलब किया और ओमान के तट के पास भारतीय चालक दल के सदस्यों वाले एक वाणिज्यिक पोत पर अमेरिकी हमले को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। अपनी प्रतिक्रिया में नयी दिल्ली ने कहा कि पश्चिम एशिया में वाणिज्यिक नौवहन और असैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए, और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर बिना किसी रुकावट के आवाजाही जल्द से जल्द बहाल की जानी चाहिए।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हमले की बात स्वीकार करते हुए कहा कि यह जहाज ईरान से तेल ले जाने की कोशिश कर रहा था और इस तरह ईरानी बंदरगाहों पर लागू अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था। विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा की। विदेश मंत्रालय ने कहा, ''हम आज ओमान तट के पास वाणिज्यिक पोत 'सेटेबेलो' पर हुए हमले की निंदा करते हैं। जहाज पर मौजूद चालक दल के 24 भारतीय सदस्यों में से अब तक 21 भारतीयों को बचा लिया गया है और तीन भारतीयों के लापता होने की खबर है।"

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Amit Kumar

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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