लोकसभा में फिर जमकर हंगामा, सरकार ने पेश कर दिया पेपर लीक के खिलाफ बिल
इससे पहले विपक्ष की मांग की थी जब तक शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक किसी मुद्दे पर बात नहीं करेंगे। हाल ही में सरकार ने पेपर और परीक्षा में सुधारों के लिए एक टास्क फोर्स बनाई है।

सरकार ने लोकसभा में पेपर लीक के खिलाफ बिल पेश कर दिया है। विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच यह विधेयक लाया गया है। हालांकि, अभी इसपर चर्चा और मतदान बाकी है। इससे पहले विपक्ष की मांग की थी जब तक शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक किसी मुद्दे पर बात नहीं करेंगे। हाल ही में सरकार ने पेपर और परीक्षा में सुधारों के लिए एक टास्क फोर्स बनाई है।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। विपक्षी सदस्य दिल्ली में 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई पर जवाबदेही तय करने और गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग करते हुए हंगाामा कर रहे थे।
बिल में क्या प्रावधान
लोकसभा सदस्यों को वितरित विधेयक की प्रति के अनुसार, परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल तक के कारावास तथा 50 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है।
2 महीने में पूरी करनी होगी जांच
प्रस्तावित संशोधनों के तहत सभी जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होंगी। विधेयक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को त्वरित अदालतें स्थापित करने का निर्देश देने का भी प्रस्ताव है। ये अदालतें आरोपपत्र दाखिल किए जाने के तीन महीने के भीतर मुकदमे की कार्यवाही पूरी करेंगी।
नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा जंतर मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन और फिर शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार यह विधेयक लेकर आई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति बनाने की घोषणा भी की है।
आज भी नहीं चले दोनों सदन
सोमवार को भी विपक्ष की तरफ से जारी हंगामे के बीच लोकसभा और राज्यसभा में कार्यवाही नहीं हो सकी। दोनों ही सदनों को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। विपक्ष ने छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार की आलोचना की है। इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी पैलेट गन का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा था।


