स्कूल में सावरकर से जुड़ा सवाल पूछने पर केरल में बवाल, सरकार ने दिए जांच के आदेश
Savarkar: केरल में एक स्कूल क्विज प्रतियोगिता में स्वतंत्रता सेनानी सावरकर से जुड़ा सवाल पूछने पर विवाद खड़ा हो गया है। कम्युनिस्ट पार्टी ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसके बाद केरल सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।

V D Savarkar: केरल में एक स्कूल कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता सेनानी सावरकर से जुड़ा सवाल पूछे जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। विवाद बढ़ने के कबाद केरल के राज्य शिक्षा मंत्री एन शसुद्दीन ने मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। मंत्री के कार्यालय की तरफ से जारी किए गए एक बयान के मुताबिक, शमसुद्दीन ने सामान्य शिक्षा निदेशक को इस बात की जांच करने का निर्देश दिया है कि प्रश्नोत्तरी किसने तैयार की थी और इससे संबंधित कार्यक्रम किसने आयोजित किया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह पूरा मामला तीन स्कूलों के बच्चों के बीच आयोजित किए जा रहे एक 'फ्रीडम क्विज' का था। इसमें कासरगोड, कुंबला और मंजेश्वर में स्थित स्कूलों के बच्चे हिस्सा ले रहे थे। इसी कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता सेनानी सावरकर को लेकर सवाल पूछा गया। इसकी रिपोर्ट सामने आए पर शिक्षा मंत्री की तरफ से बयान जारी कर जांच के आदेश दिए गए हैं।
क्या था सवाल- संबंधित सवाल में पूछा गया था, ''वह स्वतंत्रता सेनानी कौन हैं, जिन्हें अंग्रेजों ने सबसे कठोर सजा दी थी?'' इसके जवाब के रूप में सावरकर का नाम दिया गया था।
शिक्षा मंत्री ने दिया जांच का आदेश
केरल की नई नवेली कांग्रेस सरकार के लिए यह सवाल एक बड़ा मुद्दा बन गया है। क्योंकि राज्य के मुख्य विपक्षी दल माकपा ने उस पर संघ परिवार के एजेंडे पर चलने का आरोप लगाया है। विवाद बढ़ता देख मंत्री ने जांच के आदेश दे दिए हैं। जारी बयान में कहा गया यह क्विज कार्यक्रम न तो समाज विज्ञान क्लब और न ही सामान्य शिक्षा विभाग के गतिविधि कैलेंडर का हिस्सा था। इसमें कहा गया कि दोनों में से किसी ने भी किसी व्यक्ति को सवाल तैयार करने या स्वतंत्र रूप से प्रतियोगिता आयोजित करने के लिए अधिकृत भी नहीं किया था। बयान में कहा गया, ''जिस व्यक्ति ने ऐतिहासिक रूप से गलत सवाल शामिल किया, उसकी सोच पक्षपात वाली है।''
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और वामपंथी छात्र संगठनों ने किया विरोध
स्कूल कार्यक्रम के दौरान सावरकर को लेकर सवाल पूछे जाने पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और वामपंथी छात्र संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार पर ''संघ परिवार के एजेंडे के साथ खड़े होने'' का आरोप लगाया।
माकपा के वरिष्ठ नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने यूडीएफ सरकार पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ ''मिलीभगत'' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सावरकर के ''असली इतिहास'' को छिपाने और उनका महिमामंडन करने की कोशिशें की जा रही हैं।
विजयन ने कन्नूर में संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और संघ ''इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश'' कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को केरल में केंद्र की नई शिक्षा नीति को लागू करने की कोशिशों के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए। केरल के पूर्व सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने आरोप लगाया कि प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में शामिल संबंधित सवाल राज्य के सामान्य शिक्षा क्षेत्र का ''भगवाकरण'' करने और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को विकृत करने की कोशिशों का हिस्सा है।


