दिल्ली धमाके को लेकर UNSC की रिपोर्ट में भारत की चिंता बढ़ाने वाले खुलासे, क्या चेतावनी?
दस्तावेज के अनुसार क्षेत्र में प्रतिबंधित जिहादी संगठन खत्म होने के बजाय अपने तरीके बदल रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये संगठन केवल बड़े और सुर्खियां बटोरने वाले हमलों पर ध्यान देने के बजाय लंबे समय तक टिके रहने की रणनीति अपना रहे हैं।
देश की राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास बीते साल नवंबर में हुए भीषण धमाके को लेकर हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इस निगरानी रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण एशिया में प्रतिबंधित जिहादी संगठन अब भी सक्रिय हैं। रिपोर्ट में जैश ए मोहम्मद का भी जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया है कि कई सालों से प्रतिबंध, आर्थिक रोक और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद कुछ संगठन पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।
4 फरवरी को सुरक्षा परिषद को सौंपी गई 37वीं रिपोर्ट में बताया गया है कि वैश्विक आतंकवाद रोधी एजेंसियां इन क्षेत्रीय संगठनों को अब भी सक्रिय खतरे के रूप में देख रही हैं। न्यूज 18 ने अपनी एक रिपोर्ट में दस्तावेज के हवाले से बताया है कि कम से कम एक सदस्य देश के आकलन के अनुसार जैश ए मोहम्मद अब भी सक्रिय है और बड़े हमलों की योजना बनाने में सक्षम है। इससे यह चिंता सामने आई है कि पहले की सख्त कार्रवाई के बाद भी संगठन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
निगरानी दस्तावेज के अनुसार क्षेत्र में प्रतिबंधित जिहादी संगठन खत्म होने के बजाय अपने तरीके बदल रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये संगठन केवल बड़े और सुर्खियां बटोरने वाले हमलों पर ध्यान देने के बजाय लंबे समय तक टिके रहने की रणनीति अपना रहे हैं।
रिपोर्ट में शामिल खुफिया जानकारी के मुताबिक जैश ए मोहम्मद बार बार खुले हमले करने के बजाय अब चुनिंदा लेकिन बड़े असर वाले हमलों की ओर बढ़ सकता है। साथ ही संगठन के पुनर्गठन और ढांचे को मजबूत करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि इससे संकेत मिलता है कि संगठन अंतरराष्ट्रीय निगरानी के बीच अपनी मौजूदगी बनाए रखना चाहता है और उसकी क्षमता में कमी नहीं आई है।
रिपोर्ट में 9 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किला के पास हुए हमले का भी उल्लेख है। इस धमाके में 15 लोगों की मौत हो गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक सदस्य देश द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर इस हमले को जैश ए मोहम्मद से जोड़ा गया है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र ने स्पष्ट किया है कि यह आकलन संबंधित देश का है और इसे संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए।
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Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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