ज्यादा बात मत करो, मैं देश का मंत्री हूं; मिनिस्टर ने बुजुर्ग महिला को सभी के सामने झिड़का
संक्षेप: त्रिशूर में 12 सितंबर को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान वेलायुधन नाम के एक बुजुर्ग व्यक्ति ने सुरेश गोपी से एक घर दिलाने में मदद के लिए आवेदन दिया था। हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने सार्वजनिक रूप से आवेदन स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

पहले ही बुजुर्ग को मदद से इनकार करने के चलते चर्चा में आए केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी अब नए विवादों में हैं। इस बार वह एक बुजुर्ग महिला को दिए जवाब के चलते घिरते नजर आ रहे हैं। दरअसल, महिला ने गोपी से बैंक घोटाले में गंवाई रकम वापस दिलाने में मदद मांगी थी, इसपर मंत्री ने उन्हें मुख्यमंत्री के पास जाने की सलाह दे दी। साथ ही सभी के सामने ज्यादा बात मत करो कहकर झिड़क दिया।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, साल 2023 में कथित घोटाले का शिकार हुए एक सहकारी बैंक में जमा राशि वापस दिलाने के लिए बुजुर्ग महिला गोपी से मदद मांग रही थी। मामला थ्रिसूर के इरिंजालाकुडा का है।
इसपर गोपी ने कहा, 'चेची, ज्यादा बात मत करो। अपने मुख्यमंत्री को बोलो की ईडी ने वह रकम बैंक को लौटा दी है और जाकर ले आओ।' जब महिला ने गोपी से कहा कि क्या वह सीएम से मुलाकात कराने में मदद कर सकते हैं, तो मंत्री ने कहा, 'इसके बाद आप मेरी छाती पर चढ़ जाएंगी। क्या आपके मंत्री यहां नहीं रहते?' महिला ने कहा, 'आप भी मंत्री हैं।' इसपर गोपी बोले, 'मैं देश का मंत्री हूं।'
पहले भी हुआ था विवाद
त्रिशूर में 12 सितंबर को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान वेलायुधन नाम के एक बुजुर्ग व्यक्ति ने सुरेश गोपी से एक घर दिलाने में मदद के लिए आवेदन दिया था। हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने सार्वजनिक रूप से आवेदन स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद गोपी की काफी आलोचना हुई थी।
क्या दी सफाई
गोपी ने बुधवार को आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके द्वारा 'अनजाने में हुई गलतियों' का राजनीतिक लाभ उठाने के लिए उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद, वेलायुधन नामक वृद्ध व्यक्ति के पास माकपा के कार्यकर्ता पहुंचे और उन्हें घर बनाकर देने का वादा किया। हालांकि, गोपी ने इस बात पर खुशी जताई कि वेलायुधन को घर मिल रहा है, लेकिन उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस 'अनजानी भूल' को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए भुनाने का प्रयास कर रहे हैं।
अपने संसदीय क्षेत्र में जनता से बातचीत करते हुए गोपी ने कहा, 'उन्हें अपना राजनीतिक अभियान चलाने दीजिए, लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि मेरे भीतर जो आग है, वह बुझाई नहीं जा सकती।'





