कैबिनेट फेरबदल कब? केंद्रीय मंत्री ने बता दिया; टीम मोदी में आ सकती है यह पार्टी
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने जल्द ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावनाएं जताई हैं। हालांकि, उन्होंने इसके लिए स्पष्ट तारीख नहीं बताई है। साथ ही उन्होंने कहा है कि इस बार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सदस्य शामिल हो सकते हैं।

केंद्रीय मंत्री और आरपीआई(ए) प्रमुख रामदास आठवले ने सोमवार को कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल 'बहुत जल्द' हो सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि इसमें जिसमें भाजपा और सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नए चेहरों को सरकार में शामिल किए जाने की उम्मीद है। खास बात है कि सोमवार को ही भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम की घोषणा हुई है।
राकांपा (शप) के सांसदों की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के प्रमुख रामदास आठवले ने विपक्षी दल से वैचारिक मतभेदों को दूर कर सत्तारूढ़ NDA यानी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी।
कब तक हो सकता है फेरबदल
सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री आठवले ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संगठन में बदलाव के बाद 'बहुत जल्द' केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है, जिसमें भाजपा और सहयोगी पार्टी राकांपा से नए लोगों को शामिल किए जाने की संभावना है। आठवले ने शरद पवार गुट को केंद्र सरकार का हिस्सा बनने का स्पष्ट प्रस्ताव दिया।
शरद पवार को प्रस्ताव
आठवले ने कहा, 'वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उन्हें (राकांपा-शप) राजग में शामिल हो जाना चाहिए।' उन्होंने कहा कि अगर वरिष्ठ नेता शरद पवार ऐसा करने से इनकार करते हैं, तो विपक्षी पार्टी के आठ लोकसभा सदस्यों को सत्ताधारी गठबंधन में शामिल होने पर स्वतंत्र रूप से विचार करना चाहिए।
शरद पवार की पार्टी ने क्या दिया रिप्लाई
हालांकि, आठवले पर पलटवार करते हुए राकांपा (शप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने केंद्रीय मंत्री को 'शेखचिल्ली' बताया, जो हमेशा खयाली पुलाव पकाते रहते हैं। क्रास्टो ने आरोप लगाया कि आठवले सत्ता के अलावा किसी भी विचारधारा में विश्वास नहीं रखते।
आठवले ने यह भी कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का सपना पूरा करने और समाज व पार्टी को मजबूत करने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके को आरपीआई (ए) में शामिल हो जाना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने आरक्षण खत्म करने की कुछ लोगों की मांग पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आरक्षण एक संवैधानिक अधिकार है और सरकार को इसे हटाने की मांग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।


