
स्वार्थ की राजनीति... ऑपरेशन सिंदूर पर फारुख अब्दुल्ला के बयान पर भड़के केंद्रीय मंत्री कीर्ति
संक्षेप: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर फारुख अब्दुल्ला की तरफ से आए बयान पर केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि कुछ लोग स्वार्थ की राजनीति के चक्कर में राष्ट्रीय हित नहीं देखते हैं। हालांकि, जनता ने ऐसे लोगों को किनारे करना सीख लिया है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला के ऑपरेशन सिंदूर पर दिए गए बयान को लेकर राजनीति तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने सोमवार को फारुख के इस बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि अब्दुल्ला राष्ट्रीय हित की अनदेखी कर रहे हैं और कहा कि जनता ऐसे नेताओं की हकीकत अब समझ गई है और स्वार्थ की राजनीति करने वाले ऐसे नेताओं से दूर हो गई है।

एएनआई से बात करते हुए केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह केवल स्वार्थ की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "कई लोग राष्ट्रीय हित को ध्यान में नहीं रखते हैं और सिर्फ इस बात तक सीमित रहते हैं कि अपनी स्वार्थ की राजनीति को कैसे बचाया जाए। यह दुखद है, लेकिन जनता भी अब ऐसे लोगों को खारिज करने लगी है। बिहार चुनाव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोग देश की मजबूती और भविष्य के लिए वोट करेंगे।"
क्या कहा था अब्दुल्ला ने?
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने नौगाम पुलिस थाने में हुए ब्लास्ट के बाद मीडिया से बात करते हुए ऑपरेेशन सिंदूर का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर से हमें कुछ भी हासिल नहीं हुआ है, बल्कि इसकी वजह से हमारे कई लोगों की जान चली गई है। उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि अब ऐसा (ऑपरेशन सिंदूर) फिर नहीं होगा। उससे हमें कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। हमारे लोग मारे गए। हमारी सीमाएं प्रभावित हुईं। मैं चाहता हूं कि दोनों देशों के संबंध सुधरें। यही एक रास्ता है। जैसा पूर्व पीएम वाजपेयी ने कहा था कि मित्र बदले जा सकते हैं, पड़ोसी नहीं।"





