अरावली पर फैलाई जा रही गलत जानकारी, इकॉलोजी से समझौते पर केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा?

Dec 22, 2025 06:27 pm ISTDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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अरावली पर्वत श्रृंखला को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही मुहिम के बीच केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपिंदर यादव का बयान आया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अरावली पर्वत श्रृंखला पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर अफवाह फैलाई जा रही है।

अरावली पर फैलाई जा रही गलत जानकारी, इकॉलोजी से समझौते पर केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा?

अरावली पर्वत श्रृंखला को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही मुहिम के बीच केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपिंदर यादव का बयान आया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अरावली पर्वत श्रृंखला पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर अफवाह फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार देश की सबसे पुरानी पर्वत श्रेणी की सुरक्षा को लगातार प्रोत्साहित करती रही है। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को विस्तारपूर्वक पढ़ा है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कहा है कि दिल्ली, गुजरात और राजस्थान स्थित अरावली पर्वत श्रेणियों का वैज्ञानिक ढंग से संरक्षण किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने हमेशा हरी-भरी अरावली पर जोर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला
भूपेंद्र यादव ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय स्पष्ट रूप से मुद्दे को परिभाषित करता है। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत के फैसले के पैरा 38 में कहा गया है कि गंभीर जरूरत के मामलों को छोड़कर कोई नया खनन पट्टा नहीं दिया जाएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अरावली श्रृंखला में 20 वन्यजीव अभयारण्य और चार बाघ आरक्षित क्षेत्र हैं, जो इसकी पारिस्थितिक महत्व को रेखांकित करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत ने केवल खनन-संबंधी मुद्दों की जांच के लिए एक तकनीकी समिति का गठन किया है।

Aravali Hills Infographic

गलत सूचनाएं फैलाई जा रहीं
100 मीटर ऊंचाई के विवाद पर उन्होंने कहा कि कुछ गलत सूचनाएं फैलाई गई हैं कि 100 मीटर का नियम ऊपर (चोटी) से लागू होता है, जो कि गलत है। संरक्षण आधार से शुरू होता है, चाहे वह जमीन के नीचे से ही क्यों न शुरू हो। उन्होंने कहा कि एनसीआर में किसी तरह के खनन की अनुमति नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह पहली बार है कि सरकार की हरित पहल को ऐसी मान्यता मिली है। भूपेंद्र यादव ने कहाकि अरावली चार राज्यों-दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के 39 जिलों में फैली हुई है। अरावली से संबंधित कानूनी याचिका 1985 से चल रही है। हम अरावली में खनन के खिलाफ सख्त नियमों का समर्थन करते हैं।

इस बीच, इंडियन फॉरेस्ट सर्वे ने चेतावनी दी कि अरावली श्रृंखला की 10,000 पहाड़ियों में खनन गतिविधियां इसके विनाश का कारण बन रही हैं और इन्हें रोकना जरूरी है। सेंट्रल एम्पॉवरड कमिटी (CEC) ने कहा कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से रोका जाना चाहिए। हालांकि केंद्र ने तर्क दिया कि ‘100-मीटर पहाड़ी’ सिद्धांत के तहत - जिसे राजस्थान में रिचर्ड बार्फी मार्गदर्शन के अनुसार लागू किया गया है - केवल 100 मीटर से ऊपर की संरचनाओं को अरावली का हिस्सा माना जाना चाहिए।

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मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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