जल जीवन मिशन का होगा विस्तार, केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी; चुनावी राज्यों बंगाल-तमिलनाडु को तोहफा

Mar 10, 2026 07:56 pm ISTPramod Praveen पीटीआई, नई दिल्ली
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कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जल जीवन मिशन 2.0 को आज मंजूरी मिल गई है। अब प्रोजेक्ट को पूरी तरह से रीस्ट्रक्चर किया जा रहा है।

जल जीवन मिशन का होगा विस्तार, केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी; चुनावी राज्यों बंगाल-तमिलनाडु को तोहफा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज (मंगलवार, 10 मार्च 2026 को) हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में 6 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, जिन पर कुल 8.8 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है। इस मीटिंग में कैबिनेट ने जल जीवन मिशन का विस्तार करने और उसे 2028 तक जारी रखने को मंजूरी दी है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चुनावी राज्य तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल को बी तोहफा दिया है। कैबिनेट ने तमिलनाडिु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "जल जीवन मिशन 2.0 को आज मंज़ूरी मिल गई... अब इस प्रोजेक्ट को सस्टेनेबल बनाने का समय आ गया है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह से रीस्ट्रक्चर किया जा रहा है। अब इंफ्रा क्रिएशन से सर्विस डिलीवरी पर फोकस होगा। वैष्णव ने बताया कि इसकी अलॉटेड रकम बढ़ाकर 8 लाख 70 करोड़ रुपये कर दी गई है और इसका मुख्य फोकस ऑपरेशन और मेंटेनेंस में समुदायों को शामिल करना होगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत सभी एसेट्स की डिजिटल मैपिंग की जाएगी... सभी प्रोग्राम सर्टिफाइड किए जाएंगे।

"सुजलम भारत" बनाने की योजना

एक रिलीज़ के मुताबिक, एक यूनिफ़ॉर्म नेशनल डिजिटल फ्रेमवर्क, जिसका नाम "सुजलम भारत" है, बनाया जाएगा, जिसके तहत हर गाँव को एक यूनिक सुजल गाँव / सर्विस एरिया ID दी जाएगी, जो सोर्स से नल तक पूरे पीने के पानी के सप्लाई सिस्टम की डिजिटल मैपिंग करेगी। ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी पक्का करने के लिए, "जल अर्पण" के ज़रिए स्कीमों को शुरू करने और फॉर्मल हैंडओवर करने में ग्राम पंचायतों और VWSCs को शामिल किया जाएगा। बयान में कहा गया है कि एक ग्राम पंचायत काम पूरा होने को सर्टिफ़ाई करेगी और खुद को "हर घर जल" तभी घोषित करेगी जब यह कन्फ़र्म हो जाएगा कि राज्य सरकार ने गाँव में ऑपरेशन और मेंटेनेंस के लिए सही सिस्टम बना दिए हैं।

तमिलनाडु पर भी नजर

तमिलनाडु के मदुरै को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा मिलने से मीनाक्षी अम्मम मंदिर, कूडल अजगर मंदिर, तिरुप्परनकुंद्रम मुरुगन मंदिर, पालामुदिरचोलाई मुरुगन मंदिर और रामेश्वरम् के लिए हवाई संपर्क बेहतर होगा। दुनिया के दूसरे देशों से भी लोग इन धार्मिक स्थलों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। वैष्णव ने कहा कि इससे उस क्षेत्र में वाहन, रबड़, रसायन और ग्रेनाइट उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यह शहर शिक्षा और स्वास्थ्य केंद्र के रूप में भी उभरेगा।

अन्य अहम फैसले क्या?

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के जेवर एयरपोर्ट को एलिवेटेड रोड के जरिए फरीदाबाद से जोड़ने वाली योजना को भी मंजूरी दी है और इसके लिए 3,631 करोड़ रुपये बजट को मंजूरी दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में संतरागाछी से खरड़पुर तक सड़क मार्ग के चौथे लेन के निर्माण को भी मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 2905 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा कैबिनेट ने NH 752 पर बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी खंड का 4-लेन में अपग्रेडेशन करने को भी मंजूरी दी है। इसके लिए मंत्रिमंडल ने 3839 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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