बेरोजगार जेन-Z पैसे देकर कर रहे हैं नौकरी का नाटक; मजबूरी या शौक, क्या वजह?

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चीन के जेन-Z हर दिन करीब 30 से 50 युआन, यानी करीब 350 से 600 रुपये देकर देशभर में बनाए गए नकली ऑफिसों में बैठ रहे हैं। इन जगहों को प्रीटेंड टू वर्क कंपनी चलाती है।

Unemployed Gen Z
चीन के करीब 14.5 फीसदी युवा अब भी नौकरी पाने में असमर्थ हैं

सुबह तैयार होकर घर से निकलना, ऑफिस पहुंचना, कंप्यूटर खोलना और काम में जुट जाना... लेकिन यहां न कोई नौकरी है, न वेतन। हालात इतने खराब हैं कि जेन-जी समय बिताने के लिए नकली ऑफिसों में काम करने के लिए पैसे तक दे रहे हैं। चीन के बेरोजगार जेन-Z इसी तरह अपना दिन गुजार रहे हैं। इन युवाओं के लिए नौकरी पाना बेहद मुश्किल होता जा रहा है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी के आंकड़ों के अनुसार, चीन में जेन-Z में बेरोजगारी दर जून के 14.9 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई में 17.9 प्रतिशत हुई। यह हाल के सालों में बेरोजगारी दर का दूसरा सबसे ऊंचा स्तर था। वहीं, फॉर्च्यून की रिपोर्ट में बताया गया कि चीन के करीब 14.5 फीसदी युवा अब भी नौकरी पाने में असमर्थ हैं।

चीन के युवा हर दिन करीब 30 से 50 युआन, यानी करीब 350 से 600 रुपये देकर देशभर में बनाए गए नकली ऑफिस में जाकर बैठ रहे हैं। इन जगहों को ‘प्रीटेंड टू वर्क’ कंपनी चलाती है। ये ऑफिस जैसा माहौल, सुविधाएं किराये पर ले रहे हैं। फॉर्च्यून की रिपोर्ट में ये जानकारी सामने आई है।

घर की तुलना में ऑफिस में बैठना बेहतर

ऐसे नकली ऑफिस चीन के बड़े शहरों में तेजी से सामने आ रहे हैं। इनमें शेनझेन, शंघाई, नानजिंग, वुहान, चेंगदू, कुनमिंग जैसे शहर शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ये स्थान युवाओं को अपने घरों में अकेले बैठे रहने की तुलना में नए अवसर तलाशने में मददगार हैं।

मानसिक और शारीरिक रूप से थक चुके

बेरोजगार होना चीन में इतना आम है कि कुछ युवा अब इसे शर्म की बजाय मजबूरन गर्व की तरह पेश कर रहे हैं। कम अवसर और भविष्य को लेकर निराशा के कारण युवा मानसिक और शारीरिक रूप से थक चुके हैं। रिपोर्ट में पाया गया कि यह ट्रेंड सिर्फ जेन-Z का काम से दूर होना नहीं है। यह बर्नआउट, निराशा और ऐसे नौकरी बाजार के खिलाफ युवाओं का शांत विरोध भी है, जो उन्हें बेहद मुश्किल और सजा जैसा महसूस होता है।

क्यों नकली ऑफिस जा रहें युवा?

● घर पर दिन नहीं बिताना चाहते

● ऑफिस जाने का रूटीन बना रहता है

● दूसरे के बीच अकेलापन कम होता है

● नौकरी के लिए आवेदन करते हैं

● स्टार्टअप या फ्रीलांस काम कर रहे हैं

● कंप्यूटर-इंटरनेट का इस्तेमाल

जेन-Z नकली ऑफिस में छोटे-मोटे काम कर सकते हैं। जब तक बेहतर अवसर नहीं मिल जाता, यह उनके लिए अच्छा विकल्प बन रहा है। नकली ऑफिस मुश्किल दौर से निकालने का समाधान कहे जा सकते हैं।

Jagriti Kumari

लेखक के बारे में

Jagriti Kumari

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

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