
फर्क समझो सर जी... ट्रंप की टिप्पणियों पर अब राहुल गांधी क्यों PM मोदी पर कस रहे तंज?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ (शुल्क) को लेकर हाल के दिनों में कई ऐसी टिप्पणियां की हैं जो सरकार को असहज करने वाली हैं। सरकार की तरफ से फिलहाल इन टिप्पणियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल के दिनों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर की गई टिप्पणियों की पृष्ठभूमि में बुधवार (7 जनवरी) को कटाक्ष करते हुए सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ‘‘फर्क समझो, सर जी।’’ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने इसके साथ ही पिछले साल जून में कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ से संबंधित एक कार्यक्रम में दिए गए अपने भाषण का एक अंश भी साझा किया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि प्रधानमंत्री मोदी, ट्रंप के एक फोन से उनके सामने झुक गए और ‘‘नरेन्दर, सरेंडर’’ कर गए।
उस भाषण में राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि कांग्रेस तथा उसके नेताओं ने महाशक्तियों के सामने कभी ‘सरेंडर’ नहीं किया, लेकिन थोड़े से दबाव के आगे झुक जाना ही भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मूल स्वभाव है। कांग्रेस नेता ने बुधवार को अपने इस भाषण से संबंधित वीडियो ‘एक्स’ पर साझा करते हुए पोस्ट किया, ‘‘फ़र्क समझो, सर जी।’’
ट्रंप की टिप्पणियां सरकार को असहज करने वालीं
दरअसल, ट्रंप ने भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत के टैरिफ (शुल्क) को लेकर हाल के दिनों में कई ऐसी टिप्पणियां की हैं जो सरकार को असहज करने वाली हैं। सरकार की तरफ से फिलहाल इन टिप्पणियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी ट्रंप की टिप्पणियों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष किया। उन्होंने ट्रंप के वक्तव्य का वीडियो साझा करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘नमस्ते ट्रंप से लेकर हाउडी मोदी तक, ‘डोनाल्ड भाई’ और अब यह (सर)। आगे क्या?’’
मोदी खुश नहीं
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि रूसी तेल खरीदने पर अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए शुल्क (टैरिफ) के कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उनसे ‘ज्यादा खुश नहीं हैं।’ ट्रंप ने ‘हाउस जीओपी सदस्य रिट्रीट’ में अपने संबोधन में यह भी दावा किया, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी मुझसे मिलने आए और बोले, ‘‘श्रीमान्, क्या मैं आपसे मिल सकता हूं?’ मैने कहा, ‘‘जी हां।’’

लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।




