
'बड़े हमले की बात करता था उमर', डॉक्टर-मौलवी गिरफ्तार; लाल किला ब्लास्ट मॉड्यूल का खुलासा
संक्षेप: डॉ. अदील मजीद राठर काजीगुंड के निवासी, जो सहारनपुर के एक निजी अस्पताल में कार्यरत थे। डॉ. शाहीन शाहिद अंसारी जो फरीदाबाद के उसी अस्पताल में कार्यरत थे और गनाई के संपर्क में थे।
दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार शाम हुए धमाके से जुड़े आतंकी मॉड्यूल की परतें खुलने के साथ ही बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। जांच एजेंसियां एक लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट कार की तलाश में थीं, जो अब मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी की बताई जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सभी थाना क्षेत्रों और सीमा चौकियों को वाहन की तलाश के निर्देश दिए गए थे। बाद में यह कार हरियाणा के फरीदाबाद जिले के खंडावली गांव में एक फार्महाउस से बरामद हुई। बताया जा रहा है कि यह कार उमर के एक दोस्त की है, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फिलहाल फॉरेंसिक और बैलिस्टिक विशेषज्ञों की टीम वाहन की जांच कर रही है।

इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा है कि यह कार मुख्य रूप से डॉ. मुझामिल शकील गनाई के इस्तेमाल में थी। यह वही डॉक्टर है जिसकी गिरफ्तारी से उमर नबी बुरी तरह डर गया था। जांचकर्ताओं का मानना है कि गनाई की गिरफ्तारी के बाद उमर ने घबराकर विस्फोट को अंजाम दिया, क्योंकि उसे लगा कि अब गिरफ्तारी तय है।
पुलिस ने डॉ. गनाई के फरीदाबाद के धौज गांव स्थित किराए के मकान से 358 किलो विस्फोटक (संभावित अमोनियम नाइट्रेट) बरामद किया है। जांच का एक बड़ा हिस्सा अब इस बात पर केंद्रित है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक कहां और कैसे इकट्ठा किए गए।
जम्मू-कश्मीर में स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने इस आतंकी मॉड्यूल की जांच संभाल ली है। उमर नबी और गनाई दोनों पुलवामा के कोइल गांव के रहने वाले हैं और फरीदाबाद के अल-फलाह मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर में कार्यरत थे। जांच में अब तक दो और डॉक्टरों की गिरफ्तारी हुई है। डॉ. अदील मजीद राठर काजीगुंड के निवासी, जो सहारनपुर के एक निजी अस्पताल में कार्यरत थे। डॉ. शाहीन शाहिद अंसारी जो फरीदाबाद के उसी अस्पताल में कार्यरत थे और गनाई के संपर्क में थे।
पुलिस का कहना है कि उमर और गनाई इस मॉड्यूल के मुख्य संचालक थे और दोनों कई महीनों से विस्फोटक सामग्री जमा कर रहे थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार, मॉड्यूल किसी बड़े हमले या कई धमाकों की योजना बना रहा था। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि उनका लक्ष्य क्या था। पुलिस को मिली तस्वीरों में उमर और गनाई 10 महीने पहले लाल किले के पास देखे गए थे, लेकिन यह साफ नहीं है कि वे रेकी के लिए वहां गए थे या किसी अन्य उद्देश्य से।
मौलवी भी गिरफ्त में
फरीदाबाद से पकड़े गए एक मौलवी इमाम इश्तियाक़ से भी पूछताछ जारी है। वह मेवात के रहने वाले हैं और अल-फलाह कैंपस में धार्मिक प्रवचन देते थे। बताया गया कि उनके फतेहपुर टागा स्थित घर में उन्होंने एक कमरा डॉ. गनाई को किराए पर दिया था।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पिछले दो दिनों में उन तीन डॉक्टरों को हिरासत में लिया, जो मॉड्यूल के सदस्यों को जानते थे। हालांकि पुलिस का कहना है कि यह सामान्य पूछताछ प्रक्रिया है और अभी तक किसी की औपचारिक गिरफ्तारी नहीं हुई है।





