देर रात दिल्ली के लिए उड़े ताबड़तोड़ प्राइवेट जेट, कांग्रेस से विलय का सताया डर; ऐसे टूट गए उद्धव गुट के 6 सांसद
ममता बनर्जी की TMC के बाद अब उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी में टूट हो रही है। नौ में से छह सांसद बागी हो गए हैं और एकनाथ शिंदे गुट में विलय की तैयारी कर रहे। सूत्रों के अनुसार, ये सभी सांसद एक के बाद एक कैसे प्राइवेट जेट से देर रात दिल्ली पहुंचे। पढ़े इनसाइड स्टोरी

तृणमूल कांग्रेस में टूट के बाद अब अगला नंबर उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी का है। सूत्रों के अनुसार, उद्धव गुट के नौ सांसदों में से छह सांसदों की एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की पटकथा लिखी जा चुकी है। अब बस आधिकारिक ऐलान होने का इंतजार है। पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में तेजी से बदलाव हुआ है। बागी सांसदों ने देर रात दिल्ली के लिए एक के बाद एक ताबड़तोड़ प्राइवेट जेट से उड़ान भरी और सुबह स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। इन सांसदों ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि शिवसेना यूबीटी कांग्रेस से विलय की तैयारी कर रही है। इन सांसदों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ गुप्त बैठक की।
इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि 16 जून की आधी रात से ही उद्धव गुट में फूट पड़ने लगी थी। गुरुवार को हुई उद्धव गुट की बैठक में भी सिर्फ तीन सांसद ही पहुंचे, जिससे यह लगभग कन्फर्म हो गया कि अब छह सांसद उनकी पहुंच से दूर हो गए हैं। इस बार बैठक में शामिल होने के लिए व्हिप तक जारी किया गया था, लेकिन सांसद बैठक में नहीं पहुंचे। पिछली बैठक के बाद संजय राउत ने दावा किया था कि चार सांसद बैठक में खुद आए थे, जबकि पांच ऑनलाइन जुड़े थे। लेकिन इस बार सिर्फ तीन ही सांसद मीटिंग में आए।
देर रात दिल्ली के लिए उड़े प्राइवेट जेट
जिन सांसदों ने इस बार बगावत की है, उनके नाम संजय जाधव, संजय देशमुख, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल अष्टिकर और संजय दीना पाटिल है। ये सांसद कई दिनों से दूरी बनाते दिख रहे हैं। आदित्य ठाकरे की जन्मदिन के कार्यक्रम तक में नहीं आए थे। 16 जून को सबसे पहले नागेश अष्टिकर दिल्ली पहुंचे। वे प्राइवेट जेट की मदद से नांदेड़ से रात डेढ़ बजे दिल्ली आए। इसके बाद संजय देशमुख, संजय जाधव भी दिल्ली आए। वहीं, वाकचौरे हैदराबाद से प्राइवेट जेट से दिल्ली आए, जबकि संजय दीना पाटिल और महाराष्ट्र के मंत्री प्रताप सरनाइक भी उसी देर रात दिल्ली पहुंच गए।
वाया जयपुर दिल्ली पहुंचे एकनाथ शिंदे
सूत्रों ने बताया है कि एकनाथ शिंदे ने मुंबई से जयपुर के लिए उड़ान भरी और फिर देर रात तीन बजे दिल्ली पहुंचे। लोकसभा सांसद और उनके बेटे श्रीकांत शिंदे भी तड़के सुबह साढ़े चार बजे दिल्ली आ गए। उनके बाद राजधानी पहुंचने वालों में ओमराजे निंबालकर थे, जोकि पुणे से यहां पहुंचे। सभी बागी सांसदों को नोएडा के होटल में ठहराया गया था। इसके बाद, 27 जून को श्रीकांत और निंबालकर ने लोकसभा स्पीकर से सुबह सात बजे मुलाकात की। सुबह 10.20 मिनट पर अन्य पांच सांसद भी स्पीकर से मिले और ओम बिरला को पत्र दिया कि वे एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ विलय कर रहे हैं।
कांग्रेस से विलय की हो रही तैयारी
इसी वजह से लोकसभा में उनकी जगह बदल दी जाए। अपने पत्र में बागी सांसदों ने आरोप लगाया कि पार्टी लीडरशिप अपनी विचारधारा से दूर हो गई और वरिष्ठ नेता शिवसेना यूबीटी को कांग्रेस के साथ विलय करने की प्लानिंग कर रहे हैं। टीएमसी के बागी सांसदों की तरह शिवसेना यूबीटी के बागी सांसदों की संख्या भी दो तिहाई है। इसकी वजह से ये दल बदल कानून से बच जाएंगे। स्पीकर ओम बिरला से मिलने के बाद सभी छह बागी सांसद दिल्ली से चले गए। अष्टिकर जहां चेन्नई गए और तिरुपति में दर्शन किए तो देशमुख और जाधव अयोध्या पहुंचे और दर्शन किए। वहीं, वाकचौरे ने वाराणसी की यात्रा की। दीना पाटिल मुंबई गए और निंबालकर पुणे।
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लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
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