मुगलों ने शिवाजी को चूहा कहा था, आज युवाओं को 'कॉकरोच' कहा जा रहा: उद्धव ठाकरे
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि शिवाजी महाराज ने अपनी कम उम्र के बावजूद मुगल साम्राज्य को चुनौती दी थी। आवाज उठाने और अन्याय के खिलाफ बोलने पर आज के युवाओं को छोटा या कमतर नहीं आंका जाना चाहिए।

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बुधवार को जेन-जी और खासकर 'कॉकरोच' की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह आज की नई पीढ़ी को कॉकरोच कहकर खारिज किया जा रहा है, ठीक उसी तरह मुगलों ने भी मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज को चूहा कहा था। उद्धव ने कहा कि यदि युवाओं को ''कॉकरोच'' कहा जाएगा, तो उनका नाराज होना स्वाभाविक है।
मुंबई में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 13 से 28 वर्ष की आयु वाले जिस वर्ग को कॉकरोच कहकर अपमानित किया गया, वे वास्तव में जेन-जी श्रेणी के युवा हैं। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज भी केवल 17 वर्ष के थे जब उन्होंने तोरणा किला जीता था और संत ज्ञानेश्वर ने भी बेहद कम उम्र में ज्ञानेश्वरी की रचना की थी।
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा, "जिन्हें कॉकरोच कहकर अपमानित किया गया, वे उसी वर्ग से आते हैं जिसे अब हम जनरेशन जी कहते हैं। जिनकी उम्र लगभग 13-14 से 27-28 वर्ष के बीच है। क्या छत्रपति शिवाजी महाराज जब 17 साल की उम्र में तोरणा किला जीता था, तब इसी उम्र के नहीं थे? मुगलों द्वारा भी शिवाजी महाराज को 'चूहा' कहा गया था। क्या संत ज्ञानेश्वर भी बहुत छोटे नहीं थे जब उन्होंने 'ज्ञानेश्वरी' लिखी थी? दोनों को अपने समय में भीषण विरोध का सामना करना पड़ा था।"
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि शिवाजी महाराज ने अपनी कम उम्र के बावजूद मुगल साम्राज्य को चुनौती दी थी। उन्होंने तर्क दिया कि आवाज उठाने और अन्याय के खिलाफ बोलने पर आज के युवाओं को छोटा या कमतर नहीं आंका जाना चाहिए।
आको बता दें कि उद्धव ठाकरे का यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद के चल रहे मॉनसून सत्र में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अपने भाषणों के दौरान 'Gen Z' की शब्द और स्लैंग्स का खुलकर इस्तेमाल कर रहे हैं। केंद्र सरकार के सुधारों का बचाव करने वाले सत्ता पक्ष के सदस्यों से लेकर NEET विवाद पर सरकार को घेरने वाले विपक्षी सांसदों तक सभी ने सोशल मीडिया पर मशहूर इन शब्दों का बहसों में इस्तेमाल किया है।
सांसद नहीं, रोजगार बढ़ाए सरकार
उद्धव ठाकरे ने लोकसभा सदस्यों की संख्या बढ़ाने से जुड़े प्रस्तावित विधेयक के औचित्य पर सवाल उठाते हुए उद्धव ने आरोप लगाया कि इस विधेयक के समर्थन के लिए सांसदों को अपनी ओर किया जा रहा है। उद्धव का इशारा पिछले महीने शिवसेना (UBT) के छह लोकसभा सदस्यों के एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना में शामिल होने के घटनाक्रम की ओर था।उद्धव ने कहा, ''सांसदों की संख्या बढ़ाने के बजाय रोजगार के अवसर बढ़ाइए।'' उन्होंने सवाल किया कि यदि मौजूदा 550 सांसदों को ही सदन में बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलता, तो 850 सांसदों को बोलने का समय कैसे मिलेगा।
युवाओं की सराहना
उन्होंने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर हुए छात्र आंदोलन और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने वाले युवाओं की भी सराहना की। उद्धव ने कहा कि जब सभी को लगने लगा था कि लोकतंत्र खत्म हो गया है, तब युवाओं ने अपने आंदोलन के जरिये उसमें नयी जान फूंक दी।


