मियांओं से वापस लेंगे जमीन, 3 माह में लागू करेंगे UCC; असम में BJP के चुनावी घोषणा पत्र में क्या-क्या?
भाजपा के 'संकल्प पत्र' में 31 वादे किए गए हैं, जिनमें बांग्लादेशी मियांओं से अतिक्रमित जमीन वापस लेने, समान नागरिक संहिता लागू करने, राज्य का विकास सुनिश्चित करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के वादे किए गए हैं।

भाजपा ने असम में चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को ये घोषणापत्र जारी किया, जिसमें मूल निवासियों की जमीन, विरासत और सम्मान की सुरक्षा और बुनियादी ढांचा के लिए पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया गया है। भाजपा के 'संकल्प पत्र' में 31 वादे किए गए हैं, जिनमें बांग्लादेशी मियांओं से अतिक्रमित जमीन वापस लेने, समान नागरिक संहिता लागू करने, राज्य का विकास सुनिश्चित करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के वादे किए गए हैं।
इस मौके पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि एक बार फिर सत्ता में आने पर BJP राज्य में तीन महीने के भीतर यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करेगी। 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए BJP के घोषणापत्र में कहा गया है कि राज्य के आदिवासियों और अन्य जातीय समुदायों के अधिकारों को प्रभावित किए बिना लागू किया जाएगा। सीएम ने कहा, ''हम 'लव और लैंड जिहाद' के खिलाफ भी सख्त कानून लाएंगे और राज्य के जिला आयुक्तों को 'अवैध प्रवासी निष्कासन अधिनियम, 1950' लागू करने का अधिकार देंगे, जिसके तहत उन्हें 24 घंटे के भीतर विदेशियों को निष्कासित करने का अधिकार होगा।''
अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कानूनी लड़ाई
मुख्यमंत्री ने कहा, “भाजपा हमारे जंगलों और अन्य जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगी। हम बांग्लादेशी घुसपैठियों को बेदखल करेंगे और उनके चंगुल से जमीन का एक-एक इंच वापस लेंगे।” राज्य से घुसपैठियों को हटाने में कितना समय लगेगा, यह पूछे जाने पर शर्मा ने कहा कि जब तक बांग्लादेश का अस्तित्व है, घुसपैठिए आते रहेंगे और हमें उनसे लड़ना होगा। घुसपैठियों को वापस भेजना किसी इमारत के निर्माण जैसा नहीं है, जिसके लिए हम कोई समय सीमा तय कर सकें।
उन्होंने कहा, "जब तक भारत और बांग्लादेश पड़ोसी देश हैं, यह लड़ाई जारी रहेगी और हमें इस खतरे से लड़ते रहना होगा।" मुख्यमंत्री ने कहा, "पिछले पांच वर्षों में, हमने बांग्लादेशी मियाओं के हाथ-पैर तोड़ दिए हैं और अब वे सत्ता का केंद्र माने जाने वाले दिसपुर (राज्य सचिवालय) के आसपास कहीं भी नहीं नज़र आते।" उन्होंने कहा, "हमारा वादा है कि इस बार हम बांग्लादेशी मियाओं की राजनीतिक कमर तोड़ देंगे।"
चुनावी घोषणा पत्र में और क्या?
भाजपा के इस चुनावी घोषणा पत्र में युवाओं के लिए 2 लाख सरकारी नौकरियां देने और 8वें वेतन आयोग को लागू करने का संकल्प लिया गया है। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण की दिशा में 'ओरुनोदोई' योजना के तहत दी जाने वाली वित्तीय सहायता को बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह करने का वादा किया गया है। प्रस्ताव है। राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें एक्सप्रेसवे और 'वंदे भारत' ट्रेन परियोजनाएं शामिल हैं। संकल्प पत्र में गरीब परिवारों के बच्चों के लिए केजी (KG) से पीजी (PG) तक मुफ्त शिक्षा का वादा भी किया गया है। इसके अलावा राज्य को बाढ़ की समस्या से पूरी तरह मुक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही गई है।
एक दशक के परिवर्तन पर आधारित घोषणा पत्र: सीतारमण
वहीं, सीतारमण ने कहा कि यह घोषणापत्र "राज्य के एक दशक के परिवर्तन पर आधारित है, जिसे कांग्रेस 60 वर्षों में हासिल नहीं कर पाई।" उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का पूर्वोत्तर के दीर्घकालिक विकास पर कोई ध्यान नहीं था। सीतारमण ने दावा किया कि राज्य में भाजपा सरकार के दौरान व्यापक विकास हुआ और कई युवा असमियों ने "मजबूरी नहीं, बल्कि अवसरों के कारण" विदेश से नौकरी छोड़कर असम लौटना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने असम में शांति बहाल की और विकास केवल स्थिरता होने पर ही संभव है।
सीतारमण ने यह भी कहा कि "कांग्रेस की नीतियों के कारण असम 32 साल तक अफस्पा के अधीन रहा, लेकिन भाजपा ने अधिकांश राज्यों से इस कानून को हटवाया।" इस अवसर पर मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा के अलावा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पबित्रा मार्गरीटा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा, राज्य के कैबिनेट मंत्री और अन्य वरिष्ठ पार्टी नेता मौजूद थे।राज्य की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए नौ अप्रैल को चुनाव होना है, जबकि मतगणना चार मई को होगी।
लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


