बंगाल में UCC: शुभेंदु अधिकारी लेने वाले हैं एक और बड़ा फैसला, क्या है प्लान
UCC यानी समान नागरिक संहिता को लागू करने की शुरुआत उत्तराखंड से हुई थी। मार्च में ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि इसे पूरे देश में लागू कराने का संकल्प भारतीय जनता पार्टी का है। महाराष्ट्र में भी प्रक्रिया शुरू हो गई है।

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार सोमवार को विधानसभा में राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पेश कर सकती है। राज्य मंत्रिमंडल से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी। पार्टी द्वारा बताई गई छह महीने की समय-सीमा से काफी पहले यह कदम उठाया जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान यूसीसी लागू करने का वादा किया गया था।
पीटीआई भाषा के सूत्रों ने बताया कि इस मामले पर गुरुवाक शाम विधानसभा में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में चर्चा की गई और इसे अंतिम रूप दिया गया। यह घटनाक्रम हाल के समय में पश्चिम बंगाल में कानूनी और सामाजिक नीति के सबसे अहम बदलावों में से एक हो सकता है, क्योंकि भाजपा यूसीसी को महत्वपूर्ण सुधार के तौर पर पेश कर रही है।
इस कानून को लागू करने की शुरुआत उत्तराखंड द्वारा की गई थी, जो समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना था। उत्तराखंड ने 27 जनवरी, 2025 को इसे आधिकारिक रूप से लागू करने की घोषणा की थी।
6 महीने में लागू करने का वादा
वर्ष 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले, भाजपा ने अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि राज्य में सत्ता में आने के छह महीने के भीतर यूसीसी लागू किया जाएगा। शुभेंदु अधिकारी सरकार के एक मंत्री ने कहा, 'उत्तराखंड, गुजरात, असम, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों ने पहले ही यूसीसी प्रस्तावों को लागू कर दिया है। अब बंगाल भी भाजपा-शासित अन्य राज्यों की तर्ज पर इसे लागू करेगा, जैसा कि हमने चुनाव से पहले वादा किया था।'
महाराष्ट्र में प्रक्रिया शुरू
महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को घोषणा की कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक विधेयक का मसौदा तैयार करने के वास्ते एक विशेष समिति का गठन किया गया है। विधानसभा सत्र को संबोधित करते हुए गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने सदन को सूचित किया कि सरकार इस कानून को प्रभावी बनाने के लिए शत-प्रतिशत प्रतिबद्ध है और इसका मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी।
मंत्री ने दमनकारी सामाजिक प्रथाओं पर अंकुश लगाने की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए राज्य के इस कदम को उचित ठहराया। उन्होंने नासिक की एक हाल की घटना का हवाला दिया, जहां एक व्यक्ति ने कथित तौर पर मोबाइल फोन और ईमेल के माध्यम से अपनी पत्नी को तलाक दे दिया और उसके आठ दिनों के भीतर महिला के साथ हिंसक मारपीट की गई।
पूरे देश में लागू करने का संकल्प
मार्च में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि देश में हर नागरिक के लिए एक समान कानून भाजपा का संकल्प रहा है। उन्होंने कहा था, 'देश में हर नागरिक के लिए एक समान कानून हो, यह हमारी पार्टी की सरकार की स्थापना से ही संकल्प रहा है। मोदी जी के नेतृत्व में हमारी पार्टी की राज्य सरकारें इस दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं। मुझे हर्ष है कि उत्तराखंड के बाद अब गुजरात ने भी समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित करने का ऐतिहासिक कार्य कर अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई है। इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और इस बिल को समर्थन देने वाले सभी विधायकों को बधाई देता हूं। देश तुष्टीकरण के आधार पर नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान कानून से चले, यह हमारी प्राथमिकता भी है और संकल्प भी है।'
लेखक के बारे में
Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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