असम में पेश हो गया UCC विधेयक, हिमंत सरमा सरकार का बड़ा कदम; आदिवासियों को राहत

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

असम विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक को पेश कर दिया गया है। वहीं विपक्ष का कहना है कि इसपर व्यापक चर्चा होनी चाहिए। विधेयक में पांच मुख्य बातों को जगह दी गई है। 

असम में पेश हो गया UCC विधेयक, हिमंत सरमा सरकार का बड़ा कदम; आदिवासियों को राहत

असम विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पेश कर दिया गया है। विपक्षी दलों के विधायकों ने असम विधानसभा में यूसीसी विधेयक पेश किए जाने का विरोध किया। विपक्ष ने विधेयक पेश किए जाने से पहले सभी पक्षकारों के साथ व्यापक चर्चा की मांग की है। बता दें कि कैबिनेट ने इस विधेयक को पहले ही हरी झंडी दे दी थी। इसके साथ ही इस विधेयक को सदन के पटल पर रख दिया गया। उत्तराखंड, गुजरात के बाद असम तीसरा राज्य है जिसने यूसीसी बिल पेश किया है। इस विधेयक में आदिवासी समुदाय को बाहर रखा गया है।

यूसीसी के मसौदे में क्या है

राज्य सरकार का कहना है कि इस विधेयक का मसौदा विशिष्ट जनसांख्यिकीय विविधता को ध्यान में रखकरतैयार किया गया है। इसके चार प्रमुख उद्देश्य हैं। पहला उद्देश्य है राज्य में बहुविवाह की प्रथा पर पुरी तरह से रोक लगाना। दूसरा है विवाह के लिए न्यूनतम कानूनी उम्र की सीमा को लागू करना। तीसरा है सभी शादियों और तलाक का सरकारी रिकॉर्ड में द्रज किया जाना। चौथा उद्देश्य बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबर का हक दिलवाना और पांचवां लिव इन में रहने वाले लोगों के लिए कड़े नियम बनाना और पंजीकरण अनिवार्य करना है।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यह कानून धार्मिक परंपराओं और पूजा पद्धतियों में कोई दखल नहीं देना वाला है। इसके जरिए किसी भी धार्मिक रीति-रिवाज को नियंत्रित नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों के मन में सवाल हैं कि क्या पूजा-पाठ और रीति रिवाज भी यूसीसी के दायरे में आएंगे। उन्होंने कहा, धार्मिक परंपराओं को इससे पूरी तरह बाहर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ी और मैदानी इलाके में रहने वाले आदिवासी समुदाय को भी यूसीसी के दायरे से बाहर रखा गया है। असम की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखते हुए विधेयक का मसौदा तैयार किया गया है।

2024 में यूसीसी विधेयक पारित करने वाला पहला राज्य उत्तराखंड था। यूसीसी को लेकर विपक्ष का कहना है कि सरकार दिल्ली और नागपुर को खुश करने के लिए यह बिल लेकर आई है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य की सरकार महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है। कांग्रेस विधायक जाकिर हुसैन सिकंदर ने कहा कि यूसीसी के नियमें का असम में कोई फायदा नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस विधेयक का पुरजोर विरोध करेगी। वहीं बीजेपी का कहना है कि विपक्ष केवल माहौल खराब कर रहा है। बीजेपी ने कहा कि सीएम सरमा ने जनता से जो वादा किया था उसी के आधार पर उन्हें बड़ा जनादेश मिला है।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।