बांग्लादेश में पैर पसार रही ISI, बंगाल में सीमा पर दो पाकिस्तानी संदिग्ध गिरफ्तार
भारत-बांग्लादेश सीमा पर ISI के दो संदिग्ध एजेंट्स को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक के पाकिस्तानी नागरिक होने के संकेत मिले हैं। वहीं दूसरा कोलकाता का निवासी है। पुलिस के मुताबिक वह दोनों ही बांग्लादेश भागने की फिराक में थे।

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बुधवार को भारत-बांग्लादेश सीमा के पास से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक के पाकिस्तानी होने का संदेह है। अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने गोपनीय सूचना के आधार पर उत्तर 24 परगना जिले के बनगांव में दबिश दी थी। यहीं से एक संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। रऊफ उर्फ वहाब आलम नाम का यह व्यक्ति पाकिस्तान के फैसलाबाद का रहने वाला है। वहीं, इससे हुई पूछताछ के आधार पर मोहम्मद अजीज नाम के एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
बंगाल पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल इन दोनों के खिलाफ जासूसी करने का मामला दर्ज किया गया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले की जानकारी रखने वाले एक वकील ने बताया, "दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक की पहचान राणा राऊफ खालिद उर्फ वहाब आलम और दूसरे की पहचान मोहम्मद अजीज के रूप में हुई है, जिस वक्त रऊफ को गिरफ्तार किया गया। उस समय वह बांग्लादेश में घुसने की कोशिश करा रहा था। ऐसा पता चला है कि यह बांग्लादेश से नेपाल भागने की फिराक में था। क्योंकि यह वहीं पर 2012 से रह रहा था। कोर्ट ने फिलहाल इन्हें 26 अगस्त तक पुलिस रिमांड में सौंप दिया है।"
पाकिस्तानी नागरिक के पास आधार कार्ड भी मौजूद-वकील
वकील ने बताया कि इन दोनों के पास से आधार कार्ड, वोटर कार्ड भी बरामद हुए हैं। पूछताछ के दौरान रऊफ ने बताया कि उसने कोलकाता के रहने वाले मोहम्मद अजीज की मदद से यह बनवाए थे।"
2012 में नेपाल के रास्ते आया था भारत- एसटीएफ की तरफ से कोर्ट में पेश हुए वकील ने कोर्ट में कहा कि खालिद नेपाल के रास्ते 2012 भारत आया था। इसके बाद से ही वह सेना और अन्य रेलवे ऑफिशियल्स की जासूसी कर रहा था। गिरफ्तार होने से पहले दोनों आरोपियों ने अपने फोन से कुछ डाटा डिलीट किया है, जिसे रिकवर करने की कोशिश की जा रही है।
जांच कर रही एसटीएफ- एसटीएफ अधिकारियों ने मामले के बारे में बात करते हुए कहा कि फिलहाल अभी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि देश के बाहर जानकारी भेजने के लिए किन माध्यमों का उपयोग किया जा रहा था। जांच कर्ताओं ने कहा, "मोहम्मद अजीज से और गहराई से पूछताछ की जा रही है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि दोनों ने किन किन इलाकों में जासूसी की है।
आपको बता दें, भारत और बांग्लादेश की सीमा आजादी के बाद से ही काफी हद तक संवेदनशील बनी हुई है। खुली सीमा होने की वजह से बड़ी संख्या में लोग आते-जाते रहते हैं। आस पास के राज्यों में इस मुद्दे को लेकर लगातार सवाल उठाया जाता रहा है। हाल ही में बीएसएफ ने सीमा सुरक्षा को और भी ज्यादा मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया है। शेख हसीना के जाने के बाद बांग्लादेश में पाकिस्तान की जड़ें मजबूत होना शुरू हुई हैं। ऐसे में वहां पर ISI भी अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। यह भारत के लिए एक खतरे की घंटी है।


