भीड़ ने बच्चा चोर समझकर 2 NGO कार्यकर्ताओं को बुरी तरह पीटा, महिला के फाड़े कपड़े
महिला कार्यकर्ता ने भीड़ को अपना आईडी कार्ड दिखाया, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं हुए। भीड़ ने उनके स्कूटर की चाभी निकाल ली और दोनों को बुरी तरह मारपीट शुरू कर दी। महिला का आरोप है कि भीड़ ने उसके कपड़े फाड़ दिए।

ओडिशा के रायगड़ जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें 2 एनजीओ कार्यकर्ताओं को भीड़ ने बच्चा चोर समझकर बुरी तरह पीटा और महिला कार्यकर्ता के कपड़े फाड़ दिए। 16 जून की रात को यह घटना कंधमाल जिले से कालाहांडी की ओर जा रहे कार्यकर्ताओं के साथ हुई। मोबाइल नेविगेशन सिस्टम के गलत रास्ते पर ले जाने के कारण वे कल्याणसिंहपुर थाने के कंदुलगुड़ा गांव पहुंच गए। अनजान इलाके में रास्ता पूछने के लिए वे रुके और वहां बच्चों से बातचीत की व कुछ बिस्किट बांटे। इसी को लेकर गांव में अफवाह फैल गई कि ये लोग बच्चे उठाने आए हैं। भीड़ ने तुरंत उन्हें घेर लिया।
महिला कार्यकर्ता ने भीड़ को अपना आईडी कार्ड दिखाया, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं हुए। भीड़ ने उनके स्कूटर की चाभी निकाल ली और दोनों को बुरी तरह मारपीट शुरू कर दी। महिला का आरोप है कि भीड़ ने उसके कपड़े फाड़ दिए और उसके साथ दुर्व्यवहार किया। उसके सहयोगी को भी जमकर पीटा गया। कई गांववासियों ने इस पूरे घटनाक्रम को मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया। स्थानीय लोगों ने ही दोनों को बचाया और पुलिस को सूचना दी।
घायलों को जिला अस्पताल किया गया शिफ्ट
पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पहले उन्हें लोकल अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर रायगड़ जिला अस्पताल शिफ्ट किया गया, जहां से उन्हें छुट्टी दे दी गई। एसपी राज प्रसाद ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों पीड़ितों को बचाया। उन्होंने कहा कि जांच चल रही है और सभी दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। एनजीओ कार्यकर्ता सामाजिक कार्य के लिए क्षेत्र में घूम रहे थे, लेकिन अफवाहों और जागरूकता की कमी ने इस घटना को जन्म दिया। ऐसी घटनाएं समाज में अफवाहों की कितनी खतरनाक भूमिका होती है, इसका उदाहरण हैं। अधिकारियों ने अपील की है कि किसी भी अफवाह पर भरोसा करके भीड़तंत्र न किया जाए और कानून अपने हाथ में न लिया जाए। पीड़ित अब सुरक्षित हैं और परिवार के साथ हैं। इस मामले की गहन जांच जारी है ताकि दोषी सजा पा सकें।
लेखक के बारे में
Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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