'विजय को CM नहीं बनाया तो...', TVK समर्थकों की राज्यपाल को खुली चेतावनी, जोरदार विरोध प्रदर्शन

Amit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, चेन्नई
Follow us on Google News
share

तमिलनाडु चुनाव के बाद विजय की पार्टी TVK सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े से 6 सीटें दूर है। सरकार बनाने का न्योता न मिलने पर राजभवन के खिलाफ टीवीके कार्यकर्ताओं का चेन्नई में भारी प्रदर्शन जारी है।

'विजय को CM नहीं बनाया तो...', TVK समर्थकों की राज्यपाल को खुली चेतावनी, जोरदार विरोध प्रदर्शन

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने के बावजूद, तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के प्रमुख विजय को सरकार बनाने का न्योता नहीं मिलने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को चेन्नई के लोक भवन के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

TVK कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन और चेतावनी

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने टीवीके को पहले अपना बहुमत साबित करने का निर्देश दिया है जिससे बाद पार्टी समर्थक नाराज हैं। शुक्रवार को चेन्नई के लोक भवन के बाहर टीवीके कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और मांग की कि राज्यपाल तुरंत विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करें।

प्रदर्शन में शामिल सुरेश नामक एक टीवीके कार्यकर्ता ने चेतावनी देते हुए कहा- अगर विजय को मुख्यमंत्री बनने का अवसर नहीं दिया गया, तो भविष्य में और भी बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। हालांकि, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को मौके से हटा दिया।

इसके अलावा, TVK पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कुड्डालोर के मंजकुप्पम इलाके में स्थित सलक्कराई मरियम्मन मंदिर में एक विशेष अनुष्ठान किया और TVK प्रमुख विजय के तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने के लिए प्रार्थना की।

दूसरी तरफ, तमिलनाडु कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। यह विरोध इस बात को लेकर है कि विधानसभा चुनावों में TVK प्रमुख विजय की पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद, उन्हें अगली सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया। कांग्रेस ने TVK को अपना समर्थन भी दिया है।

बहुमत का गणित: जादुई आंकड़े से 6 कदम दूर TVK

टीवीके वर्तमान में सरकार बनाने के लिए अन्य दलों का समर्थन जुटाने में लगी हुई है।

  • कुल विधानसभा सीटें: 234
  • बहुमत का आंकड़ा: 118

टीवीके गठबंधन की वर्तमान स्थिति: टीवीके और 5 कांग्रेस विधायकों के समर्थन के साथ यह गठबंधन 112 के आंकड़े तक पहुंच गया है।

  • सरकार बनाने के लिए पार्टी अभी भी बहुमत के आंकड़े से 6 सीट पीछे है।

राज्यपाल का रुख और स्पष्टीकरण की मांग

गुरुवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने टीवीके प्रमुख विजय को लोक भवन बुलाया था। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु विधानसभा में सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत का समर्थन अभी तक साबित नहीं हुआ है।

सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने 'जादुई आंकड़े' को लेकर स्पष्टता मांगी है और विजय से उन विधायकों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने को कहा है जो टीवीके के दावे का समर्थन कर रहे हैं।

AIADMK की आलोचना और BJP पर आरोप

इस राजनीतिक खींचतान के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है।

AIADMK का तंज: AIADMK के राष्ट्रीय प्रवक्ता कोवई सत्यन ने टीवीके और कांग्रेस के गठबंधन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा- टीवीके ने खुद यह बात मानी है कि वे 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी हैं और उनके पास 5 अन्य विधायकों का समर्थन है। इसलिए, राज्यपाल का यह पूछना उनका कर्तव्य है कि बाकी के विधायक कहां हैं?

भाजपा पर आरोप: दूसरी ओर, राज्यपाल द्वारा विजय को सरकार बनाने के लिए न बुलाए जाने पर टीवीके के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कई नेताओं ने आरोप लगाया है कि राज्यपाल संवैधानिक प्रक्रिया को बाधित करने और संविधान को कमजोर करने के लिए भाजपा (BJP) के इशारे पर काम कर रहे हैं।

समर्थन जुटाने की कवायद: CPI और VCK पर नजरें

बहुमत के अंतर को पाटने के लिए टीवीके के संयुक्त महासचिव सीटीआर निर्मल कुमार ने पार्टी नेताओं के साथ गुरुवार को चेन्नई में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के नेताओं से मुलाकात की।

मीडिया से बात करते हुए निर्मल कुमार ने बताया कि VCK और CPI दोनों ही दल टीवीके को समर्थन देने के मुद्दे पर अपनी-अपनी आंतरिक बैठकें करेंगे और उसके बाद ही कोई अंतिम निर्णय सुनाएंगे।

गौरतलब है कि हालिया विधानसभा चुनाव में CPI और VCK दोनों ने 2-2 सीटों पर जीत दर्ज की है। यदि इन दोनों दलों का समर्थन मिल जाता है, तो टीवीके बहुमत के आंकड़े के और करीब पहुंच जाएगी।

कृपया अपने अनुभव को रेट करें

Amit Kumar

लेखक के बारे में

Amit Kumar

डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


अमित न केवल समाचारों के त्वरित प्रकाशन में माहिर हैं, बल्कि वे खबरों के पीछे छिपे 'क्यों' और 'कैसे' को विस्तार से समझाने वाले एक्सप्लेनर लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं। डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों, जैसे कि कीवर्ड रिसर्च, ट्रेंड एनालिसिस और एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन को वे बखूबी समझते हैं। उनकी पत्रकारिता की नींव 'फैक्ट-चेकिंग' और सत्यापन पर टिकी है। एक मल्टीमीडिया पत्रकार के तौर पर अमित का सफर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ रहा है। उन्होंने अमर उजाला, वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे बड़े मीडिया घरानों के साथ काम किया है।


अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

और पढ़ें