विजय की फोटो लगाकर बीच क्लास में रील बनाने लगे TVK के लोग, अन्नामलाई ने खूब सुनाया
अन्नामलाई ने मुख्यमंत्री विजय और शिक्षा मंत्री राजमोहन से अपील की है कि वे अपने कार्यकर्ताओं को सख्त हिदायत दें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई ने सत्तारूढ़ दल टीवीके के कार्यकर्ताओं पर बड़ा आरोप लगाते हुए राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। अन्नामलाई ने एक्स पर कुछ फोटो शेयर करते हुए दावा किया कि टीवीके के 20 से अधिक कार्यकर्ता कांचीपुरम जिले के उथिरमेरूर के पास एक सरकारी स्कूल की कक्षा में जबरन घुस गए। इन कार्यकर्ताओं ने न केवल चालू कक्षाओं में व्यवधान डाला, बल्कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की तस्वीर दीवार पर टांगकर सोशल मीडिया के लिए वीडियो और रील्स भी बनाए।
अन्नामलाई ने तमिलनाडु में सरकारी स्कूलों की बदहाल बुनियादी संरचना और शिक्षा की गिरती गुणवत्ता का हवाला देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री थिरु ए. राजमोहन को घेरा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को स्कूलों के खोए हुए गौरव को वापस लाने के बड़े काम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
भाजपा से अलग होकर अपना नया राजनीतिक आंदोलन 'वी द लीडर्स' शुरू करने वाले अन्नामलाई ने कहा, "सत्ता में होने का मतलब यह कतई नहीं है कि किसी को भी चलती कक्षाओं में घुसने और छात्रों को परेशान करने का लाइसेंस मिल गया है। हमें पूरा विश्वास है कि खुद मुख्यमंत्री थिरु विजय भी अपनी पार्टी के सदस्यों की इस हरकत को स्वीकार नहीं करेंगे कि वे सत्ता के बल पर सरकारी स्कूलों में घुसकर पढ़ाई ठप कराएं।"
अन्नामलाई ने मुख्यमंत्री विजय और शिक्षा मंत्री राजमोहन से अपील की है कि वे अपने कार्यकर्ताओं को सख्त हिदायत दें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
NEET-UG 2025 परीक्षा पर भी जताई थी चिंता
इसी सप्ताह अन्नामलाई ने केंद्र सरकार द्वारा NEET-UG 2025 परीक्षा के लिए लागू किए गए मिलिट्री-ग्रेड सुरक्षा उपायों पर भी चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि पेपर लीक रोकने के सरकारी प्रयास तो ठीक हैं, लेकिन इन अत्यधिक प्रबंधों के कारण महीनों से तैयारी कर रहे युवा छात्रों पर परीक्षा का मानसिक तनाव बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के एग्जाम स्ट्रेस को कम करने के मूल उद्देश्य को ही खत्म कर देता है।
कल्ट पॉलिटिक्स छोड़ आम आदमी की राजनीति का संकल्प
गौरतलब है कि जून की शुरुआत में ही के. अन्नामलाई ने भाजपा से इस्तीफा देकर एक नए राजनीतिक आंदोलन की नींव रखी है, जो आगे चलकर एक राजनीतिक दल का रूप लेगा। अन्नामलाई का लक्ष्य साल 2031 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ना है। अपनी नई पहल के बारे में बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया था कि वे तमिलनाडु की पारंपरिक व्यक्ति-केंद्रित राजनीति को खत्म करना चाहते हैं।


