Hindi NewsIndia NewsTrue justice resides in district courts Says CJI Surya Kant
न्याय दिलाने में जिला अदालतों की भूमिका अहम, CJI ने प्राथमिक केंद्र से क्यों की तुलना

न्याय दिलाने में जिला अदालतों की भूमिका अहम, CJI ने प्राथमिक केंद्र से क्यों की तुलना

संक्षेप:

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि न्याय प्रदान करने में जिला अदालतों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने उच्च न्यायालयों के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट से भी युवा वकीलों को जिला अदालतों में वकालत करने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया।

Jan 19, 2026 10:56 pm ISTDeepak Mishra भाषा, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि न्याय प्रदान करने में जिला अदालतों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने उच्च न्यायालयों के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट से भी युवा वकीलों को जिला अदालतों में वकालत करने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। यदि किसी वादी को इस प्राथमिक केंद्र में संतोषजनक ढंग से उपचार मिल जाता है, तो मुझे पूरा विश्वास है कि उसे बड़े अस्पतालों में स्थानांतरित करने की जरूरत नहीं होगी। निश्चित रूप से, उसे किसी ट्रॉमा सेंटर में जाने की जरूरत नहीं होगी। जिला अदालत से अपने कानूनी करियर की शुरुआत का जिक्र करते हुए प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि जिला अदालतें पेशेवर संस्कृति को विकसित करने के केंद्र हैं। वहां प्रारंभिक प्रशिक्षण अपीलीय अदालतों में वकालत के लिए नींव रखता है। जस्टिस सूर्यकांत ने दिल्ली बार काउंसिल द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में ये बातें कहीं। यह कार्यक्रम उनके 53वें प्रधान न्यायाधीश बनने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

निचली अदालत कहना गलत
सीजेआई ने देश में जिला अदालतों को निचली अदालतों के रूप में गलत तरीके से वर्गीकृत किए जाने पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र न्यायपालिका के एक महत्वपूर्ण अंग होने के नाते ये अदालतें अपीलीय मंचों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि हमें हमेशा याद रखना चाहिए कि न्याय मुख्य रूप से केवल अपीलीय मंचों में ही निहित नहीं होता है। सीजेआई ने कहा कि सच्चा न्याय जमीनी स्तर की अदालतों में ही निहित है क्योंकि आम नागरिक को अपने अधिकारों के क्रियान्वयन के लिए पहली बार जिला अदालतों में ही सामना करना पड़ता है। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि जिला अदालतें वे स्थान हैं जहां कानून वास्तविक, तात्कालिक रूप लेता है और मानवीय दृष्टिकोण का स्वरूप ग्रहण करता है।

तमाम लोग रहे मौजूद
दिल्ली हाई कोर्ट कैंपस में आयोजित इस कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, काउंसिल के अधिकारी और बार के सदस्य उपस्थित थे। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने अपनी चिंताओं को साझा किया और उनसे निपटने के लिए बार और बेंच से सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों या अन्य महत्वपूर्ण विश्वविद्यालयों से विधि स्नातक करने वालों के बीच गलत धारणा है जो उन्हें जिला अदालतों के बजाय उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय को अपने कानूनी पेशे के लिए विचार करने के लिए प्रेरित करती है।

Deepak Mishra

लेखक के बारे में

Deepak Mishra
दीपक मिश्र मीडिया इंडस्ट्री में करीब 17 साल का अनुभव रखते हैं। खेल, सिनेमा और राजनीति पर प्रमुखता से काम किया है। खासतौर पर खेल की खबरों से जुनून की हद तक मोहब्बत है। 2011 में क्रिकेट वर्ल्ड कप और 2014 में फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप प्रमुखता से कवर कर चुके हैं। फोटोग्राफी और मोबाइल वीडियो स्टोरी के साथ-साथ पॉडकास्ट में विशेष रुचि रखते हैं। दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट के साथ काम करते हुए कई वीडियो स्टोरीज पर काम किया। इसी दौरान आईपीएल पर पॉडकास्ट के साथ एक अन्य पॉडकास्ट ‘शहर का किस्सा’ भी कर चुके हैं। पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद आज अखबार के साथ पत्रकारिता की शुरुआत हुई। इसके बाद दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट और पत्रिका अखबार में काम किया है। आई नेक्स्ट की डिजिटल विंग में काम करते हुए कई नए और रोचक प्रयोग किए। लाइव हिन्दुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रहे हैं। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।